Himanta Gun Video Row: 'चुनाव का एक हिस्सा SC में लड़ा जाता है'; विवादित वीडियो को लेकर असम सीएम की बढ़ेगी मुश्किलें? CJI सुनवाई को तैयार

Himanta Gun Video Row: 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट' वाले विवादित वीडियो को लेकर असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CPI(M) ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की है। याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 2:50 PM
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Himanta Gun Video Row: असम सीएम हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि BJP के सोशल मीडिया अकाउंट से हटाए गए वीडियो की जानकारी नहीं है

Himanta Gun Video Row: असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा 'प्वाइंट ब्लैंक शॉट' वाले विवादित वीडियो को लेकर मुश्किल में फंसते दिखाई रहे हैं। शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर CPI(M) ने मंगलवार (10 फरवरी) को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की। शीर्ष अदालत ने वामपंथी नेताओं की याचिका को सूचीबद्ध करने के लिए विचार करने पर सहमति जता दी है। इसमें सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक विवादित वीडियो को लेकर हिमंत विश्व शर्मा के खिलाफ कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

इस वीडियो में शर्मा एक विशेष समुदाय के लोगों की ओर राइफल से निशाना साधते हुए नजर आ रहे हैं। हालांकि, बाद में इस वीडियो को सोशल मीडिया से हटा दिया गया। इसमें मुख्यमंत्री को मुस्लिम टोपी पहने कुछ लोगों पर बंदूक से निशाना साधते हुए दिखाया गया है। शीर्ष अदालत ने असम में आगामी विधानसभा चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि समस्या यह है कि चुनाव का कुछ हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है।

CJI करेंगे विचार


चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की अगुवाई वाली पीठ ने वकील निजाम पाशा की दलीलों पर संज्ञान लेते हुए कहा कि वह याचिका को सूचीबद्ध करने पर विचार करेगी। पाशा भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कुछ नेताओं की ओर से पेश हुए थे।

उन्होंने पीठ के समक्ष कहा, "हम इस अदालत से असम के मौजूदा मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए चिंताजनक बयानों और हाल में पोस्ट किए एक वीडियो को लेकर तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं। इस संबंध में शिकायतें दर्ज कराई गई हैं। लेकिन अब तक कोई FIR दर्ज नहीं की गई है।" इस पर CJI ने कहा, "समस्या यह है कि जैसे ही चुनाव आते हैं, चुनाव का एक हिस्सा सुप्रीम कोर्ट में लड़ा जाता है। यही समस्या है। हम मामले को देखेंगे और तारीख देंगे।"

वीडियो पर क्यों मचा है हंगामा?

असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा का एक कथित वीडियो भारतीय जनता पार्टी (BJP) की असम इकाई ने सात फरवरी को अपने आधिकारिक X अकाउंट से शेयर किया था। इसमें में शर्मा को राइफल से दो लोगों की ओर निशाना साधते हुए देखा जा सकता है। इनमें से एक ने टोपी पहनी है और दूसरे ने दाढ़ी रखी है। इस वीडियो को लेकर व्यापक आक्रोश जताया गया। इसकी कड़ी निंदा हुई थी। हिंसा और सांप्रदायिक नफरत भड़काने के आरोपों के बाद बीजेपी ने पोस्ट को हटा लिया था।

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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी की नेता एनी राजा ने अलग-अलग याचिकाएं दायर कर शर्मा के खिलाफ कथित नफरत भरे भाषणों को लेकर FIR दर्ज करने की मांग की है। उनके अनुसार, कथित नफरत भरे इन भाषणों का उद्देश्य सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करना है।

SIT गठित करने की मांग

याचिकाकर्ताओं ने सुप्रीम कोर्ट से एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि राज्य और केंद्रीय एजेंसियों से स्वतंत्र जांच की अपेक्षा नहीं की जा सकती। याचिकाओं में शर्मा के कथित भड़काऊ भाषणों और बयानों का क्रमवार उल्लेख है। इससे पहले 12 लोगों की तरफ से एक अलग याचिका दायर की गई थी। इसमें संवैधानिक पदों पर आसीन व्यक्तियों द्वारा विभाजनकारी टिप्पणियां करने पर रोक लगाने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

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