Hindu man killed in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदूओं के खिलाफ लगातार हिंसा की घटनाएं सामने रही हैं। हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग के खिलाफ दिल्ली में बांग्लादेश हाई कमीशन के बाहर और कई अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। दिल्ली में ढाका के मिशन के बाहर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस बीच, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के सीनियर नेता दिग्विजय सिंह ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले को 'रिएक्शन' करार देते हुए एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
बांग्लादेश में हिंदू विरोधी हमलों की बढ़ती घटनाओं के बीच कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने मंगलवार (23 दिसंबर) को कहा कि पड़ोसी देश में हुई घटनाएं भारत में देखी जाने वाली सांप्रदायिकता जैसी ही हैं। न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए सिंह ने कहा कि भारत में भी सांप्रदायिक और कट्टरपंथी तत्व अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं। और बांग्लादेश में भी वैसा ही रिएक्शन देखने को मिल रहा है।
सिंह ने कहा, "बांग्लादेश में जब से आंदोलन होकर सरकार बदली है, वहां वो सारे तत्व हैं जो धार्मिक उन्माद फैलाकर राजनीति करते हैं। जिनका विरोध शेख हसीना करती थीं... हम बांग्लादेश में जो हमारे हिंदू भाईयों और ईसाइयों के साथ हो रहा है उसकी घोर निंदा करते हैं।"
उन्होंने आगे कहा, "हमारे देश में भी... यहां भी उसी तरह के कट्टरपंथी अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं। वही प्रतिक्रिया बांग्लादेश में भी देखी जा रही है। हम बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ जो हो रहा है, उसकी निंदा करते हैं। यूनुस को ठोस कार्रवाई करने की जरूरत है।"
हालांकि सिंह ने इस बारे में ज्यादा कुछ नहीं बताया, लेकिन उनके बयान को भारत में दक्षिणपंथी समूहों पर अप्रत्यक्ष हमला माना जा रहा है। इससे पहले भी सिंह ने देश में "हिंदुओं के कट्टरपंथी होने" पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा था कि यह मुसलमानों के कट्टरपंथी होने जितना ही खतरनाक है।
दिग्विजय सिंह के बयान पर बीजेपी विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, "जब भारत पर हमला होता है तो दिग्विजय सिंह आतंकवादियों के साथ होते हैं। जब भी हिन्दुओं पर बांग्लादेश में हमला हो तो उन्हें हिन्दुस्तान की घटनाएं याद आती हैं। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि हिन्दुस्तान में मुसलमानों पर कौन सा हमला हुआ?"
दिग्विजय सिंह की ये टिप्पणियां बांग्लादेश में भारत विरोधी भावना बढ़ने के माहौल में आई हैं, जिसे एक हिंदू व्यक्ति की बर्बर मॉब लिंचिंग की घटना ने और बढ़ा दिया है। 27 साल के हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को मैमनसिंह में इस फर्जी आरोप में बेरहमी से मार दिया गया। दंगाइयों ने उन पर पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में रिपोर्ट्स सामने आई कि कुछ सहकर्मियों ने झूठे आरोपों में उसे फंसाने की कोशिश की थी।
बांग्लादेश के खिलाफ भारी प्रदर्शन
बांग्लादेश में हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के खिलाफ भगवा झंडे लिए और नारे लगाते हुए विश्व हिंदू परिषद (VHP) और बजरंग दल के सैकड़ों समर्थकों ने मंगलवार को कड़ी सुरक्षा वाले बांग्लादेश उच्चायोग के बाहर प्रदर्शन किया। जब पुलिस भीड़ को काबू करने की कोशिश कर रही थी तो उस दौरान प्रदर्शनकारियों ने कई बैरिकेड हटा दिए।
पड़ोसी देश में एक हिंदू व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या किए जाने के खिलाफ हिंदू दक्षिणपंथी संगठनों द्वारा घोषित विरोध प्रदर्शन से पहले सुबह उच्च सुरक्षा वाले इस इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई थी। एक अधिकारी ने बताया कि प्रदर्शन से पहले 15,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को उच्चायोग से लगभग 800 मीटर दूर रोक दिया।