बुर्का न पहनने पर पति ने कि पत्नी और दो बेटियों को की हत्या, फिर शवों को सेप्टिक टैंक में दफनाया, आरोपी गिरफ्तार

Shamli: यूपी के शामली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मामला कांधला थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत का है, यहां पर एक व्यक्ति ने रीति-रिवाज और बुर्का के चक्कर में अपनी पत्नी और दो बेटियों की हत्या कर दी, और फिर तीनों शवों को आंगन में बने सेप्टिक टैंक में दफना दिया।

अपडेटेड Dec 17, 2025 पर 11:43 AM
बुर्का न पहनने पर पति ने कि पत्नी और दो बेटियों को की हत्या, फिर शवों को सेप्टिक टैंक में दफनाया, आरोपी गिरफ्तार

Shamli: यूपी के शामली जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। मामला कांधला थाना क्षेत्र के गांव गढ़ी दौलत का है, यहां पर एक व्यक्ति ने रीति-रिवाज और बुर्का न पहनने के चलते अपनी पत्नी और दो बेटियों की हत्या कर दी, और फिर तीनों शवों को आंगन में बने सेप्टिक टैंक में दफना दिया।

इसके बाद जब आरोपित के माता-पिता ने बहू और पोतियों के बारे में पूछा तो वह इधर-उधर की बातें करता रहा, जिस पर उनको शक हो गया। उन्होंने पुलिस को शिकायत कर दी। जब पुलिस ने आरोपित से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। जिसके बाद पुलिस ने तीनों शवों को बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपी फारुख ने बताया कि उसने पत्नी ताहिरा और बड़ी बेटी आफरीन की गोली मारकर हत्या की, जबकि दूसरी बेटी सहरीन की गला घोंटकर जान ले ली। इसके बाद तीनों शवों को घर के आंगन में शौचालय के लिए पहले से बनाए गए सेप्टिक टैंक में दबा दिया।


पुलिस ने बताया कि गढ़ी दौलत गांव निवासी दाउद के 5 बेटे हैं। उनमें फारुख तीसरे नंबर का है। वह एक होटल पर रोटी बनाने का काम करता है। फारुख अपने पिता और भाइयों से अलग मकान में रहता है। उसके 5 बच्चे थे। जिनमें 3 बेटियां और 2 बेटे हैं।

आरोप है कि फारुख अपनी पत्नी ताहिरा और बेटियों- आफरीन (16) और सहरीन (14) को इस्लामिक रीति-रिवाज के मुताबिक पर्दे में रहने के लिए कहता था। लेकिन ताहिरा को यह बात मंजूर नहीं थी। दोनों के बीच इस बात को लेकर आए दिन झगड़ा होता था। इसे फारुख अपनी सामाजिक बेइज्जती मानता था।

क्या है पूरा मामला?

SP एनपी सिंह ने बताया कि घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। करीब एक माह पहले दंपती में विवाद हो गया था, जिस पर ताहिरा बच्चों को छोड़कर अकेले मायके चली गई थी। तब उसने बुर्का नहीं पहना था। इसका भी फारूक ने विरोध किया था।

उन्होने बताया कि करीब 15 दिन बाद वह पत्नी को अपने घर ले आया था। आने के बाद भी दोनों में विवाद हुआ था। पत्नी ने अपनी मर्जी से जिंदगी जीने की बात की थी, जिसके बाद आरोपित ने उसकी हत्या की योजना बना ली थी। इसके तहत उसने घर में सेफ्टी टैंक का निर्माण शुरू करा दिया था। पांच दिसंबर को उसने कहीं से तमंचा खरीद लिया था।

अधिकारी ने आगे बताया कि 9 दिसंबर की रात करीब 12 बजे उसने पत्नी से चाय बनाने के लिए कहा। जैसे ही वह चाय बनाने के लिए गई, तभी पीछे से उसके सिर में गोली मार दी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बड़ी बेटी अचानक से बाहर आ गई। इस पर फारूक ने उसके भी सिर में गोली मार दी। आवाज सुनकर छोटी बेटी आई तो उसकी गली दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद तीनों के शवों को सेफ्टी टैंक में दबा दिया।

जुटाए गए साक्ष्य

घटनास्थल पर पहुंची फोरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस भी आरोपी के कब्जे से बरामद किए हैं। तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत के सही कारणों और समय की पुष्टि हो सके।

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