IDFC First Bank Scam: ₹590 करोड़ के घोटाले में हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन! इन दो IAS अधिकारियों पर गिरी गाज, सस्पेंड

IDFC First Bank Scam: हरियाणा में IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ रुपये के घोटाले में नायब सिंह सैनी सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। मामले में हरियाणा सरकार ने CBI को जांच सौंप दी है। इस बीच दो IAS अफसर आरके सिंह और प्रदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। बैंक फ्रॉड मामले में इनकी क्या भूमिका है इस बारे में डिटेल्स जानकारी का इंतजार है

अपडेटेड Apr 09, 2026 पर 2:18 PM
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IDFC First Bank Scam: 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक स्कैम मामले में हरियाणा सरकार ने 2 IAS अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है

IDFC First Bank Scam: हरियाणा सरकार ने गुरुवार (9 अप्रैल) को 590 करोड़ रुपये के IDFC फर्स्ट बैंक घोटाला मामले में कथित भूमिका को लेकर दो IAS अधिकारियों राम कुमार सिंह और प्रदीप कुमार को सस्पेंड कर दिया। 2012 बैच के अधिकारी आरके सिंह को हाल ही में पंचकूला का म्युनिसिपल कमिश्नर बनाया गया था। वह अभी हरियाणा के रेवेन्यू और डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट में स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर काम कर रहे थे। बैंक फ्रॉड मामले में इनकी क्या भूमिका है इस बारे में डिटेल्स जानकारी का अभी इंतजार है।

वहीं, 2011 बैच के अधिकारी प्रदीप कुमार अभी हरियाणा के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के डायरेक्टर के तौर पर काम कर रहे थे। उन्हें 30 नवंबर, 2025 को हरियाणा स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के मेंबर सेक्रेटरी के तौर पर उनकी पिछली भूमिका से इस पद पर ट्रांसफर किया गया था। हरियाणा स्टेट विजिलेंस और एंटी-करप्शन ब्यूरो की चल रही जांच में कुछ और IAS अधिकारियों के नाम सामने आए हैं।

सूत्रों ने 'इंडियन एक्सप्रेस' को बताया कि अगर स्कैम में उनकी भूमिका साबित होती है तो इन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। IDFC फर्स्ट बैंक फ्रॉड केस के मुख्य आरोपी ने कई फर्जी फर्म और कंपनियां बनाकर सरकारी फंड को गैर-कानूनी तरीके से कई बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किया। इस केस में बैंकर्स और हरियाणा सरकार के अधिकारियों समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।


शुरुआती गिरफ्तारियों में IDFC फर्स्ट बैंक के पूर्व ब्रांच मैनेजर रिभव ऋषि और पूर्व रिलेशनशिप मैनेजर अभय कुमार शामिल थे। अभय की पत्नी स्वाति सिंगला और उनके भाई अभिषेक सिंगला को भी हिरासत में लिया गया। जांच में पता चला कि स्वाति और अभिषेक की कंपनी स्वास्तिक देश प्रोजेक्ट्स (Swastik Desh Projects) के अकाउंट में कथित तौर पर करीब 300 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए थे।

15 IAS अधिकारियों का तबादला

हरियाणा सरकार ने बुधवार (8 अप्रैल) रोत को तत्काल प्रभाव से 15 इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (IAS) अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया। एक सरकारी आदेश के मुताबिक, विनीत गर्ग को प्रिंटिंग और स्टेशनरी डिपार्टमेंट में एडिशनल चीफ सेक्रेटरी बनाया गया है। वह पहले स्टेट पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन थे।

ऑर्डर के मुताबिक, गुरुग्राम के डिप्टी कमिश्नर अजय कुमार का ट्रांसफर करके उन्हें मुख्यमंत्री का डिप्टी प्रिंसिपल सेक्रेटरी-II बनाया गया है। इसके अलावा प्रिंसिपल सेक्रेटरी (इरिगेशन और वॉटर रिसोर्स डिपार्टमेंट) पंकज अग्रवाल को आर्किटेक्चर डिपार्टमेंट में प्रिंसिपल सेक्रेटरी बनाया गया है। अपूर्व कुमार सिंह को इस पोस्ट से हटा दिया गया है।

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ऑर्डर में कहा गया है कि मुख्यमंत्री के एडिशनल प्रिंसिपल सेक्रेटरी और डेवलपमेंट और पंचायत डिपार्टमेंट के कमिश्नर और सेक्रेटरी साकेत कुमार को आर्काइव्स डिपार्टमेंट में कमिश्नर और सेक्रेटरी के तौर पर ट्रांसफर किया गया है। शेखर विद्यार्थी को इस पोस्ट से हटा दिया गया है। आदेश के मुताबिक, मनी राम शर्मा को हेल्थ डिपार्टमेंट में सेक्रेटरी बनाया गया है।

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