Uttarakhand Murder Case: उत्तराखंड पुलिस ने गुरुवार को व्यवसायी अर्जुन शर्मा की हत्या के सिलसिले में पीड़ित की मां और दो हमलावरों समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि अमरदीप गैस एजेंसी के मालिक शर्मा (42) की बुधवार को तिब्बती बाजार के बाहर स्कूटर पर सवार दो लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई।
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अजय सिंह ने पत्रकारों को बताया कि हमलावरों को गुरुवार तड़के अलग-अलग मुठभेड़ों के बाद पकड़ा गया। दोनों संदिग्धों के पैरों में गोली लगी है और उनका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
हमलावरों की पहचान पौड़ी जिले के देवीखाल निवासी राजीव राणा और पंकज राणा नामक दो भाइयों के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से दो 315 बोर की पिस्तौलें, कारतूस और एक स्कूटर बरामद किया है।
मां और उसके साथी गिरफ्तार
आगे की जांच में मृतक की मां बीना शर्मा और उनके साथियों विनोद उनियाल और डॉ. अजय खन्ना को साजिश के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
अधिकारियों के अनुसार, हत्या के पीछे का मकसद अर्जुन शर्मा, उनकी मां और उनके सहयोगियों के बीच लंबे समय से चल रहा संपत्ति विवाद था।
मां ने हत्यारों को दिए थे 12 लाख रुपये
SP सिंह ने बताया, "बीना शर्मा और उनके सहयोगियों ने कथित तौर पर अर्जुन को खत्म करने के लिए हत्यारों को 12 लाख रुपये का ठेका दिया था।" जांच में पता चला कि पंकज राणा विनोद उनियाल के लिए ड्राइवर का काम करता था।
एसपी के अनुसार, डॉ. खन्ना ने जीएमएस रोड स्थित बीना शर्मा की संपत्ति 14 करोड़ रुपये में खरीदने पर सहमति जताई थी और पहले ही 8 करोड़ रुपये बीना शर्मा के करीबी विनोद उनियाल के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिए थे। हालांकि, अर्जुन शर्मा ने इस सौदे का विरोध किया और अदालत से संपत्ति पर रोक लगवा ली।
SSP ने बताया कि भुगतान किए जाने के बावजूद संपत्ति हासिल न कर पाने के कारण डॉ. खन्ना दबाव में थे और बीना शर्मा से अपनी रकम वापस मांग रहे थे। उन्होंने आगे बताया कि इस स्थिति के कारण मां-बेटे के बीच अक्सर झगड़े होते थे।
SP ने बताया कि निशानेबाजों को शुरुआती तौर पर 3 लाख रुपये दिए गए थे और काम पूरा होने के बाद बाकी रकम का भुगतान किया जाना था।