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India-China Direct Flights: 'ये दोस्ती की नई उड़ान', भारत-चीन के बीच सीधी फ्लाइट आज से हो रही शुरू

India-China Direct Flights: भारत और चीन के बीच उड़ान सेवाएं साल 2020 में COVID-19 महामारी के बाद बंद कर दी गई थीं। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में चार साल से ज़्यादा समय तक चले सीमा विवाद के कारण इन्हें दोबारा शुरू नहीं किया गया था

MoneyControl Newsअपडेटेड Oct 26, 2025 पर 4:22 PM
India-China Direct Flights: 'ये दोस्ती की नई उड़ान', भारत-चीन के बीच सीधी फ्लाइट आज से हो रही शुरू
पांच साल बाद जाकर भारत और चीन के बीच डायरेक्ट उड़ाने शुरू होने जा रही है।

India-China direct flights: भारत और चीन के बीच लगभग पांच साल बाद आज से सीधी उड़ानें फिर से शुरू हो रही हैं। चीन ने इसे दोनों देशों के लोगों के बीच आपसी संपर्क और रिश्ते मजबूत करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया हैपहली सीधी फ्लाइट आज रात 10 बजे उड़ान भरेगी। इंडिगो एयरलाइन की कोलकाता से गुआंगजौ की फ्लाइट 26 अक्टूबर को शुरू होगी। इसके बाद, शंघाई से नई दिल्ली के लिए उड़ानें 9 नवंबर से फिर शुरू की जाएंगी। वहीं, इंडिगो की दिल्ली से गुआंगज़ौ के लिए फ्लाइट 10 नवंबर से शुरू होगी।

दिल्ली से भी शुरू होगी उड़ान 

भारत ने 2 अक्टूबर को ऐलान किया था कि चीन के लिए सीधी उड़ानें 26 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए चीन के दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने X (ट्विटर) पर लिखा, “अब चीन और भारत के बीच सीधी उड़ानें हकीकत बन गई हैं। कोलकाता से गुआंगज़ौ की फ्लाइट आज से शुरू हो रही है, जबकि शंघाई और नई दिल्ली के बीच उड़ानें 9 नवंबर से शुरू होंगी, जो हफ्ते में तीन बार चलेंगी।”

सीमा विवाद और कोविद के कराण बंद थी उड़ान

भारत और चीन के बीच उड़ान सेवाएं साल 2020 में COVID-19 महामारी के बाद बंद कर दी गई थीं। इसके बाद पूर्वी लद्दाख में चार साल से ज़्यादा समय तक चले सीमा विवाद के कारण इन्हें दोबारा शुरू नहीं किया गया। हालांकि, हाल ही में शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (SCO) समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात के बाद, भारत के विदेश मंत्रालय ने दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू करने की घोषणा की।

एक प्रेस ब्रीफिंग में चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि यह कदम दोनों देशों के बीच बनी आपसी सहमति को आगे बढ़ाने की दिशा में एक नया और सकारात्मक कदम है। जियाकुन ने कहा, “चीन भारत के साथ मिलकर रिश्तों को रणनीतिक और लंबे समय की दृष्टि से देखने और संभालने के लिए तैयार है। हमारा लक्ष्य है कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार मजबूत, स्वस्थ और स्थिर रूप से आगे बढ़ें।”

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