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Delhi Metro: दिल्ली में 48 हजार करोड़ की लागत से बनेंगे मेट्रो के सात नए रूट, सरकार ने किया ये बड़ा ऐलान

Delhi Metro छ सेंट्रल सेक्रेटेरिएट से किशनगढ़ तक का कॉरिडोर 15.969 किलोमीटर लंबा होगा। इसका ज्यादातर हिस्सा भूमिगत यानी अंडरग्राउंड बनाया जाएगा और इसमें 10 स्टेशन होंगे। यह रूट न्यू मोती बाग, आरके पुरम और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय तक बेहतर कनेक्टिविटी देगा। इस कॉरिडोर में कई इंटरचेंज स्टेशन भी बनाए जाएंगे

MoneyControl Newsअपडेटेड May 03, 2026 पर 5:03 PM
Delhi Metro: दिल्ली में 48 हजार करोड़ की लागत से बनेंगे मेट्रो के सात नए रूट, सरकार ने किया ये बड़ा ऐलान
इस योजना के तहत मेट्रो फेज़ V(B) में सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे

दिल्ली-एनसीआर में यातायात और कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने शनिवार को मेट्रो नेटवर्क के बड़े विस्तार योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत मेट्रो फेज़ V(B) में सात नए कॉरिडोर बनाए जाएंगे, जिनमें 97 किलोमीटर से ज्यादा लंबी नई मेट्रो लाइनें और 65 स्टेशन शामिल होंगे। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि इस परियोजना की अनुमानित लागत 48,204.56 करोड़ रुपये रखी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना खास तौर पर दिल्ली के बाहरी और तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को सेंट्रल दिल्ली से जोड़ने के लिए तैयार की गई है, ताकि लोगों को बेहतर कनेक्टिविटी मिले और सफर आसान हो सके।

प्राथमिकता वाले मेट्रो कॉरिडोर

अधिकारियों के अनुसार, सात प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर में से चार को प्राथमिकता वाले प्रोजेक्ट के रूप में चुना गया है। इन रूटों पर तेजी से काम किया जाएगा और सरकार ने इन्हें वर्ष 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC इस परियोजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट को प्राथमिकता और गैर-प्राथमिकता वाले हिस्सों में बांटेगा। उन्होंने कहा कि यह योजना दिल्ली में संतुलित और समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने में मदद करेगी।

विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट पहले ही तैयार कर केंद्र सरकार को भेजी जा चुकी है और अब कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार है। मुख्यमंत्री और DMRC अधिकारियों के बीच हुई बैठक के बाद दिल्ली सरकार ने इस सप्ताह की शुरुआत में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। हालांकि, काम शुरू होने से पहले केंद्र और दिल्ली सरकार, दोनों से अंतिम वित्तीय मंजूरी मिलना जरूरी होगा।

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