भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) की यह टिप्पणी उस समय आई है, जब बांग्लादेश में हिंसक विरोध प्रदर्शन देखने को मिले। ये घटनाएं सिंगापुर में जुलाई विद्रोह के आयोजक शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद हुईं। इंकलाब मंच के संयोजक हादी को 12 दिसंबर को ढाका में सिर में गोली लगी थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद कई जगहों पर हिंसा भड़क उठी, जहां मीडिया संस्थानों, सांस्कृतिक केंद्रों और राजनीतिक दफ्तरों पर हमले किए गए। मेहमसिंह में कथित ईशनिंदा के आरोप में एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को भीड़ ने बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को जला दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, मारने के बाद शव को एक पेड़ से लटकाया गया और आग लगा दी गई।