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Indus Waters Treaty: भारत ने सिंधु के पानी पर पाकिस्तान को फिर दिया बड़ा झटका! ये बोल खारिज किया कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला

Indus Waters Treaty: विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि भारत ने कानूनी रूप से इस गैर-कानूनी और तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के अस्तित्व को कभी स्वीकार नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस मध्यस्थता निकाय की स्थापना स्वयं सिंधु जल संधि का एक गंभीर उल्लंघन है।

Moneycontrol Hindi Newsअपडेटेड Aug 31, 2026 पर 6:15 PM
Indus Waters Treaty: भारत ने सिंधु के पानी पर पाकिस्तान को फिर दिया बड़ा झटका! ये बोल खारिज किया कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का फैसला
भारत ने साफ किया कि वह इस निकाय के समक्ष कभी भी पेश नहीं हुआ है और उसने इसके किसी भी पिछले फैसलों या घोषणाओं का संज्ञान लेने से भी हमेशा इनकार किया है।

Indus Waters Treaty Update: सिंधु जल संधि को लेकर भारत ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाते हुए पाकिस्तान को बड़ा झटका दिया है। भारत ने सोमवार को तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन (CoA) द्वारा अंतरिम उपायों और सिंधु जल संधि की स्थिति को लेकर जारी किए गए फैसले को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन को ही गैर-कानूनी रूप से गठित बताते हुए साफ कहा है कि इस मंच का भारत पर कोई क्षेत्राधिकार नहीं है।

भारत के विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा कि वर्ल्ड बैंक द्वारा इस कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन का गठन सिंधु जल संधि की शर्तों का प्रत्यक्ष उल्लंघन करके किया गया था। भारत ने इस निकाय द्वारा जारी हालिया फैसले के साथ-साथ इसके सभी पिछले बयानों और आदेशों को भी स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

गैर-कानूनी निकाय को भारत ने कभी मान्यता नहीं दी- विदेश मंत्रालय

विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया कि भारत ने कानूनी रूप से इस गैर-कानूनी और तथाकथित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के अस्तित्व को कभी स्वीकार नहीं किया है। विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि इस मध्यस्थता निकाय की स्थापना स्वयं सिंधु जल संधि का एक गंभीर उल्लंघन है। भारत ने साफ किया कि वह इस निकाय के समक्ष कभी भी पेश नहीं हुआ है और उसने इसके किसी भी पिछले फैसलों या घोषणाओं का संज्ञान लेने से भी हमेशा इनकार किया है।

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