India-EU Trade Deal: भारत और यूरोपीय यूनियन (EU) के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) हो चुका है। इस एग्रीमेंट के तहत यूरोपीय यूनियन से कारों के आयात पर ड्यूटी को 110% से घटाकर 10% तक लाया जाएगा और इसका सालाना कोटा 2.5 लाख गाड़ियों का तय किया गया है। इस डील के चलते पिछले दशक में बाजार में अपना दबदबा गंवाने के बाद अब यूरोप की दिग्गज कार कंपनियों के पास विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। अभी की बात करें तो इंडस्ट्री के आंकड़ों के मुताबिक फॉक्सवैगन (Volkswagen), रेनॉल्ट (Renault) और बीएमडब्ल्यू (BMW) जैसी यूरोपीय कंपनियों की भारत के कार मार्केट में 3% से भी कम हिस्सेदारी है। अभी यहां मारुति सुजुकी इंडिया (Maruti Suzuki India), महिंद्रा एंड महिंद्रा (Mahindra and Mahindra- M&M) और टाटा मोटर्स पैसेंजर वेईकल्स (Tata Motors PV) का दबदबा है जिनका दो-तिहाई मार्केट पर कब्जा है।
India-EU Trade Deal: क्या होगा सस्ता?
फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के तहत यूरोपीय यूनियन से कारों के आयात पर टैरिफ को 110% से घटाकर 10% तक लाने की बात हुई है यानी कि यूरोप की दिग्गज कंपनियों फॉक्सवैगन, रेनॉल्ट और बीएमडब्ल्यू की लग्जरी कारें भारत में सस्ती होंगी। डील के तहत 96.6% प्रोडक्ट्स पर टैरिफ या तो कम हुए हैं, या खत्म हुए हैं यानी कि जिन पर ड्यूटी कम हुई है, वे चीजें सस्ती होंगी। एग्रीमेंट के तहत यूरोप से आने वाला बियर, ऑलिव ऑयल, खाने वाल तेल, फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड सस्ता होगा। इयू के एल्कोहल पर टैरिफ घटकर 40%, बीयर पर टैरिफ घटाकर 50% किया जाएगा। वहीं ऑलिव ऑयल, खाद्य तेल, फ्रूट जूस और प्रोसेस्ड फूड पर टैरिफ हटाया जाएगा। इसके अलावा मशीनरी, फार्मा और केमिकल पर भी टैरिफ कम होगा यानी कि ये चीजें भी सस्ती होंगी।
किन चीजों पर नहीं पड़ेगा असर?
चूंकि भारत और यूरोपीय यूनियन के बीच हुए ट्रेड एग्रीमेंट के दायरे से चावल, चीनी, बीफ, चिकन जैसे प्रोडक्ट्स को बाहर रखा गया है तो इनकी कीमतों पर प्रत्यक्ष रूप से कोई खास असर नहीं पड़ेगा।
भारत और यूरोपीय यूनियन ने आज मंगलवार 27 जनवरी को ऐतिहासिक कारोबारी सौदे का ऐलान किया। ईयू का कहना है कि इससे ड्यूटी पर सालाना 400 करोड़ यूरो की बचत होगी। हालांकि ध्यान दें कि दोनों देशों के बीच जो डील हुई है, वह इस साल नहीं बल्कि अगले साल 2027 में लागू होगी। ऐसा इसलिए क्योंकि इस एग्रीमेंट से जुड़ी कई कानूनी प्रक्रियाओं का भी पालन करना है।