India-Germany: भारत-जर्मनी के बीच डिफेंस और सेमीकंडक्टर पर बनी बात, हुए ये ऐतिहासिक समझौते

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जर्मनी के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का यह सहयोग सिर्फ आपसी फायदे तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता के लिए भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और जर्मनी अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं

अपडेटेड Jan 12, 2026 पर 5:20 PM
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भारत और जर्मनी के बीच सबसे महत्वपूर्ण समझौता ‘क्रिटिकल मिनरल्स और सेमीकंडक्टर’ को लेकर हुआ है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज से मुलाकात की। फ्रेडरिक मर्ज अपनी पहली भारत यात्रा पर आए हैं। इस दौरान दोनों नेताओं ने भारत-जर्मनी के आपसी रिश्तों, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। जर्मन चांसलर की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों ने कुछ ऐसे समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं, जिनका सीधा सरोकार हमारी सुरक्षा, शिक्षा और तकनीकी विकास से है।  भारत और जर्मनी के बीच सबसे महत्वपूर्ण समझौता ‘क्रिटिकल मिनरल्स और सेमीकंडक्टर’ को लेकर हुआ है। 

गुजरात पहुंचे जर्मन चांसलर

प्रेस कॉन्फ्रेंस में फ्रेडरिक मर्ज ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें अपने गृह राज्य गुजरात आने का न्योता दिया है। उन्होंने इस निमंत्रण के लिए प्रधानमंत्री का धन्यवाद किया और कहा कि यह दोनों देशों के मजबूत रिश्तों और प्रधानमंत्री की व्यक्तिगत मित्रता को दिखाता है। उन्होंने यह भी कहा कि गुजरात कई मायनों में आधुनिक भारत की शुरुआत का केंद्र माना जाता है, जहां महात्मा गांधी ने अपने अहिंसक स्वतंत्रता आंदोलन की शुरुआत की थी। इसके अलावा गुजरात आज एक मजबूत और तेजी से आगे बढ़ती अर्थव्यवस्था के लिए भी जाना जाता है।

रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत और जर्मनी के बीच मजबूत आर्थिक सहयोग की अहमियत पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों का यह सहयोग सिर्फ आपसी फायदे तक सीमित नहीं है, बल्कि मानवता के लिए भी जरूरी है। उन्होंने बताया कि यह दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब भारत और जर्मनी अपनी रणनीतिक साझेदारी के 25 साल पूरे होने का जश्न मना रहे हैं। इस खास मौके पर भारत और जर्मनी के बीच कई अहम क्षेत्रों में MoU समझौता पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिससे दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होने की उम्मीद है।


भारत और जर्मनी के बीच कई अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए नीचे दिए गए समझौते और संयुक्त घोषणाएं की गई हैं -

  • रक्षा क्षेत्र में सहयोग - भारत और जर्मनी ने रक्षा उद्योग में आपसी सहयोग को और मजबूत करने के इरादे से संयुक्त घोषणा की।
  • आर्थिक सहयोग को बढ़ावा - दोनों देशों ने आर्थिक और निवेश सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त भारत-जर्मनी आर्थिक एवं निवेश समिति के तहत एक सीईओ फोरम बनाने पर सहमति जताई।
  • सेमीकंडक्टर क्षेत्र में साझेदारी - भारत और जर्मनी ने सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए मिलकर काम करने का फैसला किया।
  • महत्वपूर्ण खनिजों में सहयोग - जरूरी खनिजों के क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने के लिए संयुक्त घोषणा की गई।
  • टेलीकॉम सेक्टर में समझौता - टेलीकॉम सेक्टर में तकनीक और विकास को लेकर दोनों देशों ने साथ काम करने का इरादा जताया।
  • इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी में MoU - नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और इनफिनियन टेक्नोलॉजीज AG के बीच समझौता हुआ।
  • आयुर्वेद और शिक्षा में सहयोग - अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान और चैरिटी यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
  • तेल और गैस क्षेत्र में समझौता - पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड और DVGW के बीच सहयोग तय हुआ।
  • ग्रीन अमोनिया को बढ़ावा - भारतीय कंपनी AM ग्रीन और जर्मन कंपनी यूनिपर ग्लोबल कमोडिटीज के बीच ग्रीन अमोनिया को लेकर समझौता हुआ।
  • बायोइकोनॉमी में रिसर्च सहयोग - बायोइकोनॉमी के क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट के लिए संयुक्त रूप से काम करने का फैसला लिया गया।
  • विज्ञान और तकनीक में सहयोग बढ़ा - भारत-जर्मन विज्ञान और प्रौद्योगिकी केंद्र के कार्यकाल को आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी।

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