इंडिगो की फ्लाइट कैंसिल होने की वजह से देश के प्रमुख एयरपोर्ट पर हाहाकार जैसी स्थिति आज भी बनी हुई है। इंडिगो की उड़ानों को लेकर अभी भी संकट चल रही है। हजारों यात्रियों को इसकी वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने बड़ा बयान दिया है। केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत में और एयरलाइंस की जरूरत है, खासकर इसलिए क्योंकि देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस समय बड़े संकट से गुजर रही है।
संसद में बोलते हुए उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने इन समस्याओं पर बात की और सिस्टम पर बोझ कम करने के लिए और एयरलाइंस बनाने की बात कही। उन्होंने कहा, 'यह एयरलाइन शुरू करने का सबसे अच्छा समय है। भारत में कम से कम पांच और एयरलाइंस की क्षमता है।'
सरकार कर रही जांच
बता दें कि, नए पायलट रेस्ट और ड्यूटी नियमों को ठीक से लागू न कर पाने के कारण इंडिगो को सरकार और रेगुलेटर दोनों की आलोचना झेलनी पड़ रही है, जिससे यात्रियों को बहुत परेशानी हो रही है। राज्यसभा में मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि सरकार ने इंडिगो द्वारा की जा रही बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसलेशन की जांच शुरू कर दी है और जरूरत पड़ने पर “दूसरी कंपनियों के लिए मिसाल बनाने” के लिए सख्त कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने इस अव्यवस्था के लिए एयरलाइन के रोस्टरिंग सिस्टम की गड़बड़ी और खराब प्रबंधन को जिम्मेदार बताया।
उन्होंने कहा, “हम इस स्थिति को हल्के में नहीं ले रहे हैं। हम इसकी जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर बहुत ही सख्त कार्रवाई करेंगे—ताकि आगे के लिए एक मिसाल भी बन सके।” उन्होंने यह भी बताया कि एयरलाइन ने नए नियम लागू होने के पूरा एक महीना बीत जाने के बाद, यानी 1 दिसंबर की मीटिंग में भी FDTL से जुड़े मुद्दे का जिक्र नहीं किया। 22 FDTL गाइडलाइंस में से 15 नियम 1 जुलाई 2025 को लागू हुए थे और बाकी नियम 1 नवंबर से लागू कर दिए गए थे।
सरकार ने दी ये बड़ी जानकारी
सिविल एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि भारत का एविएशन मार्केट तेजी से बढ़ रहा है, और बढ़ती मांग को संभालने के लिए देश में कम से कम पांच बड़ी एयरलाइनों की जरूरत है। नायडू ने बताया कि सरकार ने विमानन क्षेत्र में नए प्लेयर्स को प्रोत्साहित किया है ताकि प्रतिस्पर्धा बढ़े और यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलें। यात्रियों की बढ़ती परेशानियों पर सख्त रुख अपनाते हुए DGCA ने इंडिगो की आलोचना की है और एयरलाइन के CEO पीटर एल्बर्स को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही, इस मुद्दे की जांच के लिए चार सदस्यों की एक कमेटी भी बनाई गई है। इंडिगो ने हालात को सुधारने के लिए एक क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप गठित किया है, जो रोज़ाना बैठक करके स्थिति पर नज़र रख रहा है। एयरलाइन ने प्रभावित यात्रियों के लिए रिफंड की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
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