India and Malaysia: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मलेशिया की यात्रा पर हैं। आज दोनों देशों के प्रमुखों के बीच हुई वार्ता ने व्यापारिक संबंधों के लिए एक नए डिजिटल युग के दरवाजे खोल दिए है। दरअसल भारत के NPCI (UPI) और मलेशिया के PayNet नेटवर्क को आपस में जोड़ने का फैसला लिया गया है। इस एकीकरण का सीधा मतलब यह है कि अब मलेशिया में रहने वाले भारतीय छात्र, वहां घूमने जाने वाले पर्यटक और वहां काम करने वाले प्रवासी भारतीय बेहद कम लागत पर और तुरंत पैसे भेज सकेंगे। इसके साथ ही 'मलेशिया-भारत डिजिटल परिषद' (MIDC) की स्थापना की गई है, जो न केवल पेमेंट, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा और ई-गवर्नेंस जैसे उभरते क्षेत्रों में एक साझा प्लेटफॉर्म के रूप में काम करेगी।
रुपये में व्यापार और सेमीकंडक्टर की नई सप्लाई चेन
दोनों सरकारों ने डॉलर की निर्भरता को कम करने के लिए भारतीय रुपये और मलेशियाई रिंगिट (Ringgit) में व्यापारिक लेनदेन और सेटलमेंट करने पर विशेष जोर दिया है। इसके अलावा भविष्य की तकनीक यानी सेमीकंडक्टर को लेकर भी एक ठोस रोडमैप तैयार किया गया है। चूंकि मलेशिया वैश्विक चिप सप्लाई चेन का एक अहम हिस्सा है, इसलिए भारत उसके साथ मिलकर विनिर्माण, तकनीकी नवाचार और कुशल कार्यबल तैयार करने के लिए निवेश बढ़ाएगा। साथ ही हवाई और समुद्री संपर्क को सुधारने की बात कही गई है ताकि निवेश और व्यापार में आने वाली भौतिक बाधाओं को दूर किया जा सके।
पाम तेल, ग्रीन एनर्जी और सुरक्षा के कड़े संकल्प
खाद्य सुरक्षा के क्षेत्र में मलेशिया ने भारत को भरोसा दिलाया है कि वह पाम तेल की टिकाऊ और भरोसेमंद आपूर्ति जारी रखेगा, जबकि ऊर्जा क्षेत्र में मलेशियाई दिग्गज कंपनियां भारत के सौर ऊर्जा और ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट्स में बड़ा निवेश कर रही है। सुरक्षा के मोर्चे पर दोनों देशों ने आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की बात दोहराई है और दिसंबर 2025 में राजस्थान में हुए 'हरिमांऊ शक्ति' सैन्य अभ्यास की सफलता को सैन्य सहयोग की नई मिसाल बताया है। मलेशिया ने भारत की 2026 की BRICS अध्यक्षता का स्वागत किया है, जबकि भारत ने मलेशिया के BRICS का सदस्य बनने की आकांक्षा का समर्थन किया है।