पेट्रोल में एथेनॉल के बाद अब डीजल में Isobutanol ब्लेंडिंग ट्रायल शुरू, सामने आई ये जानकारी

Isobutanol Fuel : यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकार के E20 इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का समर्थन किया था। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारियों को भी खारिज किया था

अपडेटेड Jul 04, 2026 पर 4:21 PM
E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद अब सरकार डीजल को लेकर भी एक बड़ा बदलाव करने जा रही है

पेट्रोल में एथेनॉल की ब्लेंडिंग से E20 फ्यूल के इस्तेमाल के बाद अब सरकार डीजल को लेकर भी एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि भारत अब बायोफ्यूल के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में अगला बड़ा कदम उठाने की तैयारी कर रहा है। सरकार डीजल में 15 प्रतिशत तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की योजना बना रही है, ताकि विदेशों से तेल आयात पर देश की निर्भरता कम हो सके।

अब डीजल से Isobutanol Fuel बनाने जा रही सरकार

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि इथेनॉल को सीधे डीजल में नहीं मिलाया जा सकता। इसलिए इथेनॉल से आइसोब्यूटेनॉल बनाने पर काम किया जा रहा है, जिसे डीजल के साथ मिलाकर बेहतर तरीके से इस्तेमाल किया जा सकता है। उनका कहना है कि आइसोब्यूटेनॉल भविष्य में डीजल का अच्छा विकल्प बन सकता है। उन्होंने बताया कि सरकार डीजल में 15 प्रतिशत तक आइसोब्यूटेनॉल मिलाने की अनुमति देने की तैयारी कर रही है। यह कदम देश को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाने और प्रदूषण कम करने वाले स्वच्छ ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में अहम माना जा रहा है।


सरकार कर रही तैयारी 

नितिन गडकरी ने बताया कि सरकार ने 100 प्रतिशत इथेनॉल और आइसोब्यूटेनॉल से दो जनरेटर सफलतापूर्वक चलाकर देखे हैं। इससे यह साबित हुआ है कि ऐसे इंजन बनाए जा सकते हैं, जो पूरी तरह इन ईंधनों पर काम करें। आइसोब्यूटेनॉल को नई पीढ़ी का बेहतर बायोफ्यूल माना जा रहा है। इसमें सामान्य बायोफ्यूल की तुलना में अधिक ऊर्जा होती है, यह इंजन के साथ बेहतर तरीके से काम करता है और इससे प्रदूषण भी कम होता है। अधिकारियों का कहना है कि इसके इस्तेमाल से भारत का कच्चे तेल का आयात और घटेगा, साथ ही देश में बनने वाले बायोफ्यूल की मांग भी बढ़ेगी।

 पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल

यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब कुछ दिन पहले ही पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सरकार के E20 इथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम का समर्थन किया था। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही गलत जानकारियों को भी खारिज किया था।

मंत्रालय ने साफ कहा कि इथेनॉल के इस्तेमाल से पानी की भारी कमी नहीं होती, न ही इससे वाहनों के इंजन खराब होते हैं। साथ ही, इससे गाड़ी की वारंटी या बीमा भी प्रभावित नहीं होता और पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की बात भी सही नहीं है। मंत्रालय के मुताबिक, यह योजना वैज्ञानिक शोध, सुरक्षा मानकों और दुनिया के कई देशों के अनुभव के आधार पर तैयार की गई है।

मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिलाने का लक्ष्य तय समय से पहले, दिसंबर 2025 में ही हासिल कर लिया था। सरकार का कहना है कि इस योजना से देश ने 1.9 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की विदेशी मुद्रा बचाई है। इसके अलावा कच्चे तेल का आयात और कार्बन उत्सर्जन कम हुआ है, वहीं किसानों की आय बढ़ाने में भी इस योजना ने अहम भूमिका निभाई है।

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