India AI Impact Summit: 'बिग टेक' को टक्कर देने लॉन्च हुए सर्वम, ज्ञानी और भारतजेन एआई, इम्पैक्ट समिट में स्वदेशी AI मॉडल्स की धमक

India AI Impact Summit: समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी भारतीय डेवलपर्स के जोश की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत जिस तरह से अपने स्थानीय AI मॉडल विकसित कर रहा है, वह सराहनीय है और भारत इस क्षेत्र में बहुत मजबूत स्थिति में है

अपडेटेड Feb 19, 2026 पर 9:00 AM
Story continues below Advertisement
केंद्र सरकार 10,000 करोड़ रुपये के 'इंडिया AI मिशन' के तहत स्टार्टअप्स और संस्थानों को सब्सिडी के रूप में मदद कर रही है

India AI Impact Summit: भारत ने 18 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' में तीन स्वदेशी और संप्रभु आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मॉडल पेश किए हैं। यह कदम वैश्विक टेक दिग्गजों के दबदबे को चुनौती देने और भारत की अपनी AI क्षमताएं विकसित करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। केंद्र सरकार के 10,000 करोड़ रुपये के 'इंडिया AI मिशन' के तहत इन स्टार्टअप्स और संस्थानों को कंप्यूटिंग पावर और सब्सिडी के रूप में मदद दी जा रही है, ताकि भारत का डेटा और गवर्नेंस पूरी तरह से सुरक्षित और देश के भीतर रहे।

Sarvam AI: दुनिया के दिग्गजों को मात देने वाला मॉडल्स

बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप सर्वम AI ने दो बड़े लैंग्वेज मॉडल (LLM) लॉन्च किए है। एक 30-बिलियन और दूसरा 105-बिलियन पैरामीटर वाला। कंपनी का दावा है कि उनका बड़ा मॉडल गूगल के 'जेमिनी फ्लैश' और 'डीपसीक R1' जैसे वैश्विक मॉडल्स से कई बेंचमार्क पर बेहतर प्रदर्शन करता है। इन्हें जटिल प्रोग्रामिंग, तर्क और बड़े स्तर पर सरकारी व व्यावसायिक कार्यों के लिए बनाया गया है।


Gnani.ai: 12 भाषाओं में जादुई आवाज

कन्वर्सेशनल AI फर्म Gnani.ai ने Vachana TTS नाम का टेक्स्ट-टू-स्पीच मॉडल पेश किया है। यह मॉडल मात्र 10 सेकंड के सैंपल से किसी भी इंसान की आवाज को क्लोन कर सकता है और उसी आवाज में 12 भारतीय भाषाओं में बात कर सकता है। इसका इस्तेमाल सरकारी सेवाओं, कस्टमर सपोर्ट और बड़े उद्यमों में किया जाएगा, जहां कम इंटरनेट स्पीड में भी यह सटीक काम करेगा।

BharatGen: शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए समर्पित AI मॉडल

IIT बॉम्बे के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम 'भारत-जेन' ने 'Param2 17B MoE' मॉडल लॉन्च किया है। 17-बिलियन पैरामीटर वाला यह मॉडल भारतीय भाषाओं के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इसे 'ओपन-सोर्स' रखा गया है, ताकि छोटे स्टार्टअप और डेवलपर्स इसका उपयोग कर सकें। 'इंडिया AI मिशन' से 900 करोड़ रुपये की फंडिंग पाने वाला भारत-जेन अब तक का सबसे बड़ा लाभार्थी है। इसका मुख्य फोकस खेती, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में AI क्रांति लाना है।

सुंदर पिचाई ने की भारतीय टैलेंट की तारीफ

समिट में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भी भारतीय डेवलपर्स के जोश की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत जिस तरह से अपने स्थानीय AI मॉडल विकसित कर रहा है, वह सराहनीय है और भारत इस क्षेत्र में बहुत मजबूत स्थिति में है। इन लॉन्च के साथ भारत ने स्पष्ट कर दिया है कि AI के भविष्य में वह केवल एक कंज्यूमर नहीं, बल्कि एक क्रिएटर बनकर उभरेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।