कम से कम 90 सिविलियन मारे गए, ये चुनाव नहीं ढोंग है...! PoK चुनाव पर भारत ने पाकिस्तान को दिया करारा जवाब

रणधीर जायसवाल ने कहा कि जून से अब तक पीओके में करीब 90 आम नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के विरोध का जवाब पाकिस्तान प्रशासन गोलियां चलाकर, ब्लैकआउट करके, डराने-धमकाने और दमन के जरिए दे रहा है। साथ ही, वह चुनाव कराकर अपने शासन को सही साबित करने की कोशिश कर रहा है

अपडेटेड Aug 04, 2026 पर 7:06 PM
भारत ने पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे कथित चुनावों को सिरे से खारिज किया।

भारत ने पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में पाकिस्तान की ओर से किए जा रहे कथित चुनावों को सिरे से खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने मंगलवार 4 अगस्त को पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे चुनावों की सख्त आलोचना की। भारत ने इन चुनावों को पूरी तरह दिखावटी और वास्तविकता से दूर बताया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कराए जा रहे ये तथाकथित स्थानीय चुनाव सिर्फ एक दिखावा हैं और इनका कोई वास्तविक महत्व नहीं है।

'दिखावटी चुनाव सच्चाई नहीं बदल सकते'

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में कराए जा रहे स्थानीय चुनाव सिर्फ दिखावा हैं। उन्होंने कहा कि वहां लोग लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और हालात सामान्य नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीओके में पाकिस्तानी सेना की कार्रवाई में कई लोगों की जान गई है। उनके मुताबिक, ऐसे दिखावटी चुनाव वहां की वास्तविक स्थिति को नहीं छिपा सकते। रणधीर जायसवाल ने कहा कि जून से अब तक पीओके में करीब 90 आम नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के विरोध का जवाब पाकिस्तान प्रशासन गोलियां चलाकर, ब्लैकआउट करके, डराने-धमकाने और दमन के जरिए दे रहा है। साथ ही, वह चुनाव कराकर अपने शासन को सही साबित करने की कोशिश कर रहा है।


विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को अपने कदमों के लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी अपील की कि वह मानवाधिकारों के मुद्दे पर पाकिस्तान के दावों और जमीनी हकीकत के बीच का अंतर समझे। उन्होंने कहा कि जून से अब तक पीओके में जारी कार्रवाई के दौरान करीब 90 आम नागरिकों की मौत हुई है। उनके अनुसार, जनता के विरोध का जवाब पाकिस्तान प्रशासन गोलियां चलाकर, ब्लैकआउट करके, डराने-धमकाने और दमन के जरिए दे रहा है। साथ ही, चुनाव कराकर अपने शासन को सही साबित करने की कोशिश की जा रही है। रणधीर जायसवाल ने कहा कि ऐसी परिस्थितियों के लिए पाकिस्तान को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और दुनिया को वहां की वास्तविक स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

पीओके में तनाव बढ़ा, हालात को लेकर गंभीर दावे

विदेश मंत्रालय का यह बयान ऐसे समय आया है, जब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में तनाव बना हुआ है। जम्मू-कश्मीर जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेकेजेएएसी) ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी प्रशासन प्रदर्शनकारियों और आम लोगों के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई कर रहा है। समिति का दावा है कि पीओके में मानवीय संकट जैसे हालात पैदा हो गए हैं। उसके अनुसार, सुरक्षा बलों की कार्रवाई में कई लोगों की मौत हुई है, कई लोग घायल हुए हैं और अस्पतालों में दवाओं तथा खून की कमी हो गई है। साथ ही, लोगों की आवाजाही पर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। जेकेजेएएसी ने पाकिस्तान रेड क्रिसेंट सोसाइटी और अल-खिदमत फाउंडेशन से रावलकोट, मीरपुर और अन्य प्रभावित इलाकों में तुरंत राहत पहुंचाने की अपील की है। समिति का कहना है कि इन क्षेत्रों में हालात लगातार बिगड़ रहे हैं और मेडिकल आपातकाल जैसी स्थिति बन गई है।

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