'राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता', तेल खरीद को लेकर विदेश सचिव ने दिया दोटूक जवाब; रूसी तेल पर सस्पेंस बरकरार

MEA On Russian Oil: भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से व्यापारिक तनाव चरम पर था। प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद 50% टैरिफ को घटाकर 18% कर दिया गया है। हालांकि, ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक समझौते का ऐलान करते हुए दावा किया था कि नई दिल्ली अब रूसी तेल नहीं खरीदेगी। इसके बदले ही उन्होंने भारतीय सामानों पर लगे दंडात्मक टैरिफ को भी कम किया था

अपडेटेड Feb 10, 2026 पर 10:54 AM
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विदेश सचिव ने कहा कि भारत के लिए 'सही कीमत, उपलब्धता और आपूर्ति की विश्वसनीयता' सबसे ऊपर है

Russian Crude Oil: बीते दिनों भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील फाइनल हुई। इस डील में ये बात सामने आई कि, भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा। इसके साथ ही ट्रंप ने लगातार ये दावा किया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। हालांकि इस पर अभी भी सस्पेंस बरकरार है। वैसे विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने सोमवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि भारत अपनी तेल जरूरतों के लिए किसी एक देश पर निर्भर नहीं रहेगा और भविष्य में भी अपनी ऊर्जा आपूर्ति में विविधता बनाए रखेगा। मिस्री का यह बयान ट्रंप के दावों के जवाब के तौर पर आया है। विदेश सचिव ने कूटनीतिक चतुराई से जवाब देते हुए कहा कि भारत के लिए 'सही कीमत, उपलब्धता और आपूर्ति की विश्वसनीयता' सबसे ऊपर है।

ट्रंप के दावों के बीच भारत ने साधी कूटनीतिक 'चुप्पी'

पिछले हफ्ते राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के साथ व्यापारिक समझौते का ऐलान करते हुए दावा किया था कि नई दिल्ली अब रूसी तेल नहीं खरीदेगी। इसके बदले उन्होंने भारतीय सामानों पर लगे दंडात्मक टैरिफ को भी कम कर दिया। हालांकि, विक्रम मिस्री ने सीधे तौर पर 'हां' या 'ना' कहने के बजाय यह कहकर गेंद बाजार के पाले में डाल दी कि तेल खरीद का फैसला सरकारी कंपनियां अपनी जरूरत, जोखिम और लॉजिस्टिक्स के आधार पर करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत 85% तेल आयात करता है, इसलिए आम भारतीय उपभोक्ताओं को महंगाई की मार से बचाना और उन्हें सस्ती ऊर्जा उपलब्ध कराना सरकार की पहली प्राथमिकता है।


'सिर्फ एक ही विकल्प पर निर्भर नहीं रहेगा भारत'

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ महीनों से व्यापारिक तनाव चरम पर था, जब ट्रंप ने भारतीय सामानों पर 50% तक टैरिफ ठोक दिया था। प्रधानमंत्री मोदी और ट्रंप के बीच हुई हालिया बातचीत के बाद इसे घटाकर 18% कर दिया गया है। अमेरिका ने भले ही रूसी तेल पर निगरानी रखने की चेतावनी दी हो, लेकिन भारत का रुख साफ है वह अपनी सुरक्षा के लिए आपूर्ति के कई स्रोतों को खुला रखेगा। मिस्री के अनुसार, भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार में एक 'स्थिरता लाने वाला' देश है और वह किसी भी ऐसी स्थिति में नहीं फंसेगा जहां उसे केवल एक ही विकल्प पर निर्भर रहना पड़े।

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