Unemployment Rate: पिछले महीने अप्रैल में भारत की बेरोजगारी दर 5.1% रही। इसके आंकड़े मिनिस्ट्री ऑफ स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन ने 15 मई को जारी किए। बेरोजगारी के इस बार के आंकड़ों में खास बात ये है कि पहली बार पीरियॉडिक लेबर फोर्स सर्वे (PLFS) के मासिक आंकड़े आए हैं। इससे पहले बेरोजगारी के आंकड़े तिमाही या सालाना आधार पर आते थे। इससे अब बेरोजगारी के आंकड़े रियल टाइम में मिल जाएंगे। बेहतर नीतिगत फैसले के लिए हाई-फ्रीक्वेंसी लेबर मार्केट ट्रेंड को पकड़ने की दिशा में हर महीने के सर्वे को अहम कदम के तौर पर देखा जा रहा है।
अप्रैल महीने के लिए बेरोजगारी के अहम आंकड़े
मिनिस्ट्री ने बेरोजगारी के जो आंकड़े जारी किए हैं, वह करंट वीकली स्टेटस (CWS) पर आधारित हैं जो सर्वे की तारीख से पहले के साथ दिनों में रोजगार की स्थिति का मूल्यांकन करते हैं। अब आकंड़ों के मुताबिक अप्रैल महीने में ओवरऑल बेरोजगारी दर 5.1% रही। पुरुषों में बेरोजगारी दर 5.2% और महिलाओं में 5.0% रही। यहां बेरोजगारी के आंकड़े दिए जा रहे हैं-
पुरुषों की बेरोजगारी दर: 5.2%
महिलाओं की बेरोजगारी दर: 5.0%
15-29 आयु वालों में बेरोजगारी दर: 13.8%
पुरुष: 13.6% (शहरी: 15%, ग्रामीण: 13%)
महिलाएं: 14.4% (शहरी: 23.7%, ग्रामीण: 10.7%)
शहरी बेरोजगारी दर (15-29 आयु समूह): 17.2%
ग्रामीण बेरोजगारी दर (15-29 आयु समूह): 12.3%
लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट (LFPR): 15 वर्ष या इससे अधिक उम्र के काम की तलाश कर रहे लोगों की संख्या दिखाने वाला एलएफपीआर अप्रैल महीने में 55.6% रहा। गांवों में यह 58.0% और शहरों में 50.7% पर रहा। पुरुषों में बात करें तो गांवों में यह 79.0% और शहरों में 75.3% पर रहा तो महिलाओं में गांवों में 38.2% पर रहा।
वर्कर पॉपुलेशन रेश्यो (WPR): जनसंख्या में कामकाजी लोगों की संख्या बताने वाला डब्ल्यूपीआर गांवों में 55.4% और शहरों में 47.4% पर रहा और ओवरऑल राष्ट्रीय औसत 52.8% रहा। 15 वर्ष या इससे अधिक उम्र के महिलाओं के लिए डब्ल्यूपीआर गांवों में 36.8%, शहरों में 23.5% और नेशनल लेवल पर 32.5% रहा।
सरकार ने जनवरी 2025 से PLFS की सैंपलिंग मेथड को फिर से तैयार किया है ताकि अधिक बार और व्यापक डेटा इकट्ठा हो सके। अप्रैल के महीने में ही 7511 पहले स्टेज के सैंपलिंग यूनिट कवर किए गए। अप्रैल में 89,434 परिवारों पर सर्वे किया गया जिसमें से 49,323 परिवार गांवों से और 40,411 परिवार शहरों से थे। इस सर्वे में 3,80,838 लोगों ने हिस्सा लिया, जिसमें से 2,17,483 गांवों से और 1,63,355 शहरों से रहे।