Army Chief General Upendra Dwivedi: 15 जनवरी को मनाए जाने वाले सेना दिवस से पूर्व अपनी पारंपरिक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़ी बातें कही हैं। भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने चीन और पाकिस्तान के नापाक मंसूबों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से शक्सगाम घाटी(Shaksgam Valley) पर चीन के दावों को खारिज कर दिया और पाकिस्तान को चेतावनी दी कि सीमा पार अभी भी आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिन पर भारत की पैनी नजर है।
शक्सगाम घाटी को लेकर 1963 का समझौता है अवैध
चीन के शक्सगाम घाटी में बुनियादी ढांचे के निर्माण और उसे अपना क्षेत्र बताने पर जनरल द्विवेदी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि भारत 1963 के चीन-पाकिस्तान सीमा समझौते को मान्यता नहीं देता, जिसके तहत पाकिस्तान ने अवैध रूप से 5,180 वर्ग किमी भारतीय क्षेत्र चीन को सौंप दिया था। सेना प्रमुख ने चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) को भी अवैध बताया क्योंकि यह भारतीय क्षेत्र से होकर गुजरता है।भारत ने साफ कर दिया है कि शक्सगाम घाटी में चीन की किसी भी गतिविधि को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
LAC पर फिलहाल स्थिरता लेकिन चौकसी बरकरार
चीन के साथ उत्तरी सीमा पर मौजूदा हालात को लेकर सेना प्रमुख ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। 2024 में डेमचोक और देपसांग में गश्त शुरू होने के बाद स्थिति अप्रैल 2020 से पहले वाली स्थिति में लौट आई है। दोनों सेनाएं विश्वास बढ़ाने के लिए 'विशेषज्ञ समूह' और 'वर्किंग ग्रुप' के माध्यम से काम कर रही है। LAC पर भारत की तैनाती मजबूत है और बुनियादी ढांचे का विकास जारी है।
पाकिस्तान को दे दी कड़ी चेतावनी
पाकिस्तान की ओर से जारी आतंकी खतरों पर सेना प्रमुख ने कड़े आंकड़े पेश किए। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में अभी भी 8 आतंकी कैंप सक्रिय हैं, जिनमें 100 से 150 आतंकी मौजूद हैं। इनमें से 6 कैंप LoC के पास और 2 अंतरराष्ट्रीय सीमा के करीब है। मई 2025 में हुए सैन्य टकराव के बाद आतंकी घटनाओं में भारी कमी आई है, लेकिन सेना अभी भी हाई अलर्ट पर है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देता है, तो भारतीय सेना कड़ी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगी।