स्टील और एल्युमीनियम जैसे प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने वाली भारतीय कंपनियों को कार्बन टैक्स पर राहत संभव

यूरोपियन यूनियन में कार्बन टैक्स से राहत संभव है। कार्बन टैक्स से राहत के अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हो रही है। ज्यादा कार्बन एमिशन वाले प्रोडक्ट पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। यूरोप में जनवरी 2026 से कार्बन टैक्स का प्रस्ताव है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत टैक्स राहत पर चर्चा हो सकती है। भारत का कहना है कि कार्बन टैक्स FTA की मूल भावना के खिलाफ है

अपडेटेड Jun 12, 2025 पर 6:17 PM
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CBAM यूरोपीय संघ की योजना के अंतर्गत लगाया जाने वाला एक टैक्स है जो भारत और चीन जैसे देशों से आने वाली वस्तुओं के आयात के दौरान उत्सर्जित होने वाले कार्बन पर लगाया जाएगा

स्टील और एल्युमीनियम जैसे प्रोडक्ट एक्सपोर्ट करने वाली भारतीय कंपनियों को कार्बन टैक्स (Carbon Border Adjustment Mechanis) से राहत मिल सकती है। CNBC-आवाज़ को मिली एक्सक्लूसिव खबर के मुताबिक भारत और यूरोपियन देशों के बीच राहत के लिए कई विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। स्वीडन से ये पूरी खबर बताते हुए सीएनबीसी-आवाज के लक्ष्मण रॉय ने कहा कि कार्बन टैक्स से कई तरह की राहत मिलने की संभावना है। सूत्रों के मुताबिक इससे स्टील और एल्युमिनियम कंपनियों को राहत संभव है। स्टील जैसे प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर बड़ी राहत मिल सकती है। एल्युमिनियम प्रोडक्ट के एक्सपोर्ट पर भी राहत संभव है।

सूत्रों के मुताबिक यूरोपियन यूनियन में कार्बन टैक्स से राहत संभव है। कार्बन टैक्स से राहत के अलग-अलग विकल्पों पर चर्चा हो रही है। ज्यादा कार्बन एमिशन वाले प्रोडक्ट पर टैक्स लगाने का प्रस्ताव है। यूरोप में जनवरी 2026 से कार्बन टैक्स का प्रस्ताव है। सूत्रों के मुताबिक प्रस्तावित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के तहत टैक्स राहत पर चर्चा हो सकती है। भारत का कहना है कि कार्बन टैक्स FTA की मूल भावना के खिलाफ है।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को कहा था कि भारत को यूरोपीय यूनियन के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकनिज्म ( CBAM) को लेकर गंभीरआपत्तियां हैं और उसे यह स्वीकार नहीं है कि दुनिया का एक हिस्सा बाकी सभी के लिए मानक तय करे। बेल्जियम और फ्रांस की यात्रा पर गए जयशंकर ने यूरोपीय समाचार वेबसाइट ‘यूरेक्टिव’ को दिए गए इंटरव्यू में चीन के साथ भारत के रिश्तों को लेकर भी बात की और यूरोप तथा भारत के फ्री ट्रेड एग्रीमेंट के महत्व के बारे में भी बातचीत की। उन्होंने सुझाव दिया कि 1.4 अरब की आबादी वाला देश भारत कुशल श्रमिक मुहैया कराता है और चीन की तुलना में वह अधिक भरोसेमंद आर्थिक साझेदार है।


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बता दें कि CBAM यूरोपीय संघ की योजना के अंतर्गत लगाया जाने वाला एक टैक्स है जो भारत और चीन जैसे देशों से आने वाली वस्तुओं के आयात के दौरान उत्सर्जित होने वाले कार्बन पर लगाया जाएगा। फरवरी में यूरोपीय संघ ने यह स्वीकार किया था कि भारत के मन में सीबीएएम को लागू करने को लेकर कुछ चिंताएं हैं और वह उन्हें हल करने का इच्छुक है।

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