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यात्रियों की इस आदत से इंडियन रेलवे को लगा 100 करोड़ का झटका, 4 साल में 1.27 करोड़ सामान गायब

RTI से मिली जानकारी के अनुसार, अलग-अलग रेलवे डिवीजनों में चोरी के मामलों में बड़ा अंतर देखने को मिला। सबसे ज्यादा 25.76 लाख बेडरोल सामान बीकानेर डिवीजन से गायब हुआ। इसके बाद रांची में 9.31 लाख, दिल्ली में 8.21 लाख, मुंबई में 8.17 लाख, जोधपुर में 8.09 लाख और अहमदाबाद में 6.94 लाख सामान चोरी होने की सूचना मिली

Edited By: Rajat Kumarअपडेटेड Jul 13, 2026 पर 3:02 PM
यात्रियों की इस आदत से इंडियन रेलवे को लगा 100 करोड़ का झटका, 4 साल में 1.27 करोड़ सामान गायब
RTI से मिली जानकारी के अनुसार, अलग-अलग रेलवे डिवीजनों में चोरी के मामलों में बड़ा अंतर देखने को मिला। सबसे ज्यादा 25.76 लाख बेडरोल सामान बीकानेर डिवीजन से गायब हुआ। इसके बाद रांची में 9.31 लाख, दिल्ली में 8.21 लाख, मुंबई में 8.17 लाख, जोधपुर में 8.09 लाख और अहमदाबाद में 6.94 लाख सामान चोरी होने की सूचना मिली।

भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को यात्रा के दौरान चादर, कंबल, तकिया, तकिए का कवर और तौलिया जैसी बेडरोल सुविधा दी जाती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ लोग सफर खत्म होने के बाद यह सामान अपने साथ ले जाते हैं। इसकी वजह से हर साल रेलवे और बेडरोल उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बीते चार सालों में भारतीय रेलवे को लोगों की इस हरकत की वजह से करीब 100 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।

रेलवे को 100 करोड़ का घाटा 

'द इंडियन एक्सप्रेस' को एक RTI से मिली जानकारी के मुतबिक, जनवरी 2022 से मई 2026 के बीच भारतीय रेलवे की एसी बोगियों में सफर करने वाले यात्रियों पर करीब 1.27 करोड़ बेडरोल सामान (जैसे चादर, कंबल, तकिए के कवर और तौलिये) चोरी करने का आरोप है। इसकी वजह से रेलवे के लिनन सप्लाई करने वाले ठेकेदारों को 104 करोड़ रुपये से ज्यादा का नुकसान हुआ। यह जांच देश के 18 रेलवे ज़ोन में से 16 जोन के 54 रेलवे डिवीजनों से RTI के तहत मिली जानकारी पर आधारित है।

चोरी के मामलों में बढ़ोतरी

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