भारतीय रेलवे की एसी ट्रेनों में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को यात्रा के दौरान चादर, कंबल, तकिया, तकिए का कवर और तौलिया जैसी बेडरोल सुविधा दी जाती है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि कुछ लोग सफर खत्म होने के बाद यह सामान अपने साथ ले जाते हैं। इसकी वजह से हर साल रेलवे और बेडरोल उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों को करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता है। बीते चार सालों में भारतीय रेलवे को लोगों की इस हरकत की वजह से करीब 100 करोड़ का नुकसान उठाना पड़ा है।
