Indian Railways fare hike: जनरल से लेकर AC क्लास तक में सफर हुआ महंगा, किराया बढ़ा; देखिए लिस्ट

Indian Railways fare hike: भारतीय रेलवे ने यात्री किराए में मामूली बढ़ोतरी की है। ये बदलाव केवल लंबी दूरी की कुछ श्रेणियों में लागू होगा। रेलवे ने साफ किया है कि लोकल ट्रेन, मासिक पास और छोटी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर इसका कोई अतिरिक्त असर नहीं पड़ेगा

अपडेटेड Dec 22, 2025 पर 3:44 PM
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भारतीय रेलवे ने ट्रेन किराये में वृद्धि का किया ऐलान

भारतीय रेलवे ने किराए में हल्की बढ़ोतरी करने का फैसला लिया है, लेकिन ये बढ़ोतरी इस तरह से की गई है कि आम लोगों पर ज्यादा बोझ न पड़े। ट्रेन का किराया बढ़ाए जाने को लेकर रेल मंत्रालय ने रविवार को घोषणा की। भारतीय रेल ने 215 किलोमीटर से अधिक की यात्रा के लिए जनरल कैटेगरी के टिकट में प्रति किलोमीटर 1 पैसे की बढ़ोतरी की है। वहीं मेल/एक्सप्रेस रेलगाड़ियों के नॉन एसी और सभी ट्रेनों के एसी क्लास के किराए में प्रति किलोमीटर 2 पैसे की बढ़ोतरी का का फैसला किया है।

उदाहरण के तौर पर अगर कोई यात्री 500 किलोमीटर सफर नॉन-AC ट्रेन से करता है, तो उसे केवल 10 रुपये अतिरिक्त देने होंगे। नया किराया 26 दिसंबर 2025 से लागू होगा। रेलवे ने साफ किया है कि ये बदलाव केवल लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों पर लागू होगा। रोज यात्रा करने वाले लोगों, लोकल ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों और छोटी दूरी तय करने वालों को किसी तरह की अतिरिक्त परेशानी नहीं होगी।

अधिकारियों का कहना है, “उपनगरीय यानि सबअर्बन रेलगाड़ियों के मंथली सीजन टिकट और अन्य ट्रेनों में 215 किलोमीटर तक की जनरल कैटेगरी की यात्रा के किराए में कोई वृद्धि नहीं की गई है।” यह फैसला यात्रियों की सुविधा और रेलवे की आर्थिक जरूरतों के बीच संतुलन बनाकर लिया गया है। बढ़ती लागत के बावजूद किराए में बहुत कम इजाफा किया गया है, ताकि यात्रियों को अचानक महंगाई का झटका न लगे।


रेलवे को क्या होगा फायदा

किराए में इस बढ़ोतरी से रेलवे को 31 मार्च 2026 तक करीब 600 करोड़ रुपये का अतिरिक्त रेवेन्यू मिलने की उम्मीद है। इस राशि का इस्तेमाल यात्रियों की सुरक्षा, ट्रैक और ट्रेनों के रखरखाव, स्टेशनों के सुधार और सुविधाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। रेल मंत्रालय के अनुसार, जुलाई 2025 में की गई किराया वृद्धि से अब तक लगभग 700 करोड़ रुपये का रेवेन्यू हासिल हो चुका है।

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रेलवे का कहना है कि बीते कुछ वर्षों में रेल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है। नई लाइनों, स्टेशनों, ट्रेनों और आधुनिक सुविधाओं पर बड़ा खर्च आया है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था, रखरखाव और कर्मचारियों से जुड़े खर्च भी बढ़े हैं। इन्हीं जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किराए में मामूली बदलाव किया गया है। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा, सुरक्षित सफर और समय पर सेवाएं देना है, बिना उनकी जेब पर भारी असर डाले।

ट्रेन में तय लिमिट से अधिक सामान ले जाने पर देना होगा चार्ज

हाल ही में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद को बताया कि ट्रेन से यात्रा करते समय यात्रियों को तय लिमिट से अधिक सामान ले जाने पर चार्ज देना होगा। सवालों के जवाब में वैष्णव ने कहा कि वर्तमान में, यात्रियों के लिए ट्रेन के डिब्बों के अंदर अपने साथ सामान ले जाने की मैक्सिमम लिमिट, कोच की कैटेगरी के हिसाब से तय की गई है। सेकेंड क्लास में यात्रा करने वाले यात्री को 35 किलोग्राम वजन तक सामान बिना किसी चार्ज के ले जाने की इजाजत है। चार्ज का पेमेंट करके 70 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकता है। वहीं, स्लीपर कैटेगरी के यात्री 40 किलोग्राम तक सामान बिना किसी चार्ज के ले जा सकते हैं। चार्ज कि साथ 80 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकता है।

‘एसी थ्री टियर’ या ‘चेयर कार’ में यात्रा करने वाले यात्रियों को 40 किलोग्राम तक सामान बिना किसी चार्ज के ले जाने की इजाजत है। फर्स्ट क्लास और ‘एसी टू टियर’ के यात्रियों को 50 किलोग्राम तक सामान निशुल्क ले जाने की इजाजत है। चार्ज के साथ वे 100 किलोग्राम तक सामान ले जा सकते हैं। एसी फर्स्ट क्लास के यात्री 70 किलोग्राम तक सामान बिना किसी चार्ज के ले जा सकते हैं, जबकि चार्ज देकर 150 किलोग्राम तक सामान ले जाया जा सकता है।

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