Indian seafarer dies: ओमान तट के पास जहाज पर सवार एक और भारतीय नाविक की मौत, 5 दिन के अंदर 4 भारतीयों की गई जान

Indian seafarer dies: मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार 13 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉम X पर एक पोस्ट शेयर कर बताया कि मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के रूप में की गई है। उसने बताया कि जब निशांत की मौत हुई उस समय वह मोटर टैंकर (एमटी) सेलेस्टियल पर सवार थे

अपडेटेड Jun 14, 2026 पर 10:34 AM
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Indian seafarer dies: मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के रूप में की गई है

Indian seafarer dies: ओमान के डुक्म बंदरगाह पर खड़े एक जहाज पर सवार एक भारतीय नागरिक की स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण मौत हो गई। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने शनिवार 13 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉम X पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि मृतक की पहचान निशांत उर्थनाथन के रूप में की गई है। उसने बताया कि जब निशांत की मौत हुई उस समय वह मोटर टैंकर (एमटी) सेलेस्टियल पर सवार थे। दूतावास ने कहा, "भारतीय नागरिक निशांत उर्थनाथन का स्वास्थ्य संबंधी जटिलताओं के कारण निधन हो गया।"

दूतावास ने बताया कि उनका शव फिलहाल डुक्म बंदरगाह पर खड़े पोत पर है। भारतीय दूतावास ने कहा कि वह पोत प्रबंधन कंपनी के लगातार संपर्क में है और सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रहा है। दूतावास ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि निशांत के शव को जल्द भारत भेजने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जा रहे हैं।

जयशंकर ने उठाया तीन भारतीयों की हत्या का मुद्दा


विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शनिवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ बातचीत में ओमान की खाड़ी में एक कमर्शियल जहाज पर अमेरिकी सैन्य हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाते हुए ऐसी घातक कार्रवाई को अनुचित बताया। जयशंकर और रुबियो के बीच फोन पर हुई बातचीत के कुछ घंटों बाद, अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि (अमेरिकी) मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए सभी कमर्शियल जहाजों को अमेरिकी सेना के आदेशों का पालन करना होगा।

विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि रूबियो ने इस बात पर जोर दिया कि अमेरिकी नाकेबंदी का उल्लंघन और ईरानी तेल का अवैध परिवहन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को असल में बंद कर दिए जाने के जवाब में अमेरिकी सेना ईरान के बंदरगाहों की नाकेबंदी कर रही है। होर्मुज जलडमरूमध्य एक अहम परिवहन मार्ग है, जिससे दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल और गैस का व्यापार होता है।

जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, "आज शाम अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से बात हुई। मैंने खाड़ी में अमेरिकी नौसेना के हमलों, जिनमें तीन भारतीय नाविक मारे गए थे, पर भारत के कड़े विरोध को दोहराया।" उन्होंने कहा, "कमर्शियल जहाजों के खिलाफ इस तरह का घातक हमला उचित नहीं है।"

अमेरिकी दूतावास के प्रभारी तलब

इससे पहले भारत ने शुक्रवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास के प्रभारी अधिकारी जेसन मीक्स को तलब किया था। भारत ने उन्हें बताया था कि ओमान तट के निकट भारतीय चालक दल वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना के घातक हमले अस्वीकार्य हैं। वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ को बुधवार रात को भी तलब किया गया था। अमेरिकी सैन्य बलों ने पलाऊ के ध्वज वाले तेल टैंकर ‘मैरीवेक्स’ पर आठ जून को हमला किया था। इस जहाज पर सवार 24 भारतीय नाविकों को सुरक्षित बचा लिया गया था।

इसके बाद 10 जून को अमेरिका ने पलाऊ के ही ध्वज वाले एक अन्य टैंकर ‘सेटेबेलो’ पर हमला किया, जिस पर सवार 24 भारतीय नाविकों में से तीन की मौत हो गई। इसके अलावा, गिनी-बिसाऊ के ध्वज वाले टैंकर ‘जलवीर’ पर भी गुरुवार को हमला हुआ था। इस जहाज पर 20 भारतीय नागरिक सवार थे। जलवीर पर हुए हमले के बाद, भारत ने कहा कि इस हफ्ते ओमान के तट के पास भारतीय चालक दल वाले तीन कमर्शियल जहाजों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया, जिसमें तीन नागरिकों की मौत हो गई।

अमेरिकी सेंट्रल कमान ने कहा कि उसने तीन जहाजों 8 जून को ‘मैरिवेक्स’, 9 जून को ‘सेटेबेलो’ और 11 जून को ‘जलवीर’ को बाधित करने की कार्रवाई शुरू की, क्योंकि वे ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिका की नाकेबंदी को तोड़ने की कोशिश कर रहे थे। एक बयान में पिगॉट ने कहा कि रुबियो और जयशंकर ने होर्मुज जलडमरूमध्य में हाल की घटनाओं पर चर्चा की।

नयी दिल्ली की ओर से पहली बार सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार किया गया था कि अमेरिकी नौसेना ने भारतीय चालक दल वाले तीन जहाजों को निशाना बनाया था। शुक्रवार को मीक्स को तलब किये जाने के बाद, विदेश मंत्रालय ने कहा कि ओमान की खाड़ी में भारतीय नाविकों को ले जा रहे वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी नौसेना के लगातार हमलों को लेकर उनके सामने “कड़ा विरोध” दर्ज कराया गया। मंत्रालय ने कहा कि उसने एक बार फिर असैन्य जहाजों के खिलाफ जानलेवा और घातक बल के इस्तेमाल पर अपनी गहरी चिंता जताई है।

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