इंडिगो ने मंगलवार को अपने नए CEO के नाम का ऐलान कर दिया है। पीटर एल्बर्स के अचानक इस्तीफे के कुछ हफ्तों बाद इंडिगो ने ब्रिटिश एयरवेज के पूर्व प्रमुख विलियम वॉल्श को नया सीईओ बनाने का ऐलान किया। बता दें कि, इंडिगो के निदेशक मंडल ने विलियम वॉल्श को मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में नियुक्त करने की मंजूरी दी है, जो नागरिक उड्डयन मंत्रालय से सुरक्षा मंजूरी के अधीन है।
इंडिगो की ओर से जारी बयान में कहा गया कि, विलियम वॉल्श इस समय इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन (आईएटीए) के डायरेक्टर जनरल हैं। इससे पहले वे ब्रिटिश एयरवेज और इंटरनेशनल एयरलाइंस ग्रुप (आईएजी) के भी सीईओ रह चुके हैं। आईएजी एक होल्डिंग कंपनी है, जिसके तहत एअर लिंगस, ब्रिटिश एयरवेज, आइबेरिया, लेवल और वुएलिंग जैसी एयरलाइंस काम करती हैं। इंडिगो के चेयरमैन विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि उन्हें इस बात की बहुत खुशी है कि विली अब इंडिगो की जिम्मेदारी संभालेंगे। उन्होंने कहा कि विली वैश्विक विमानन क्षेत्र के एक बेहतरीन और अनुभवी नेता हैं, जिन्होंने कई एयरलाइंस में शानदार काम किया है।
उन्होंने आगे बताया कि बड़े स्तर पर एयरलाइन संचालन संभालने और बाजार की जटिल परिस्थितियों को समझने का विली का अनुभव उन्हें इंडिगो को और मजबूत बनाने में मदद करेगा। साथ ही, तेजी से बढ़ते और प्रतिस्पर्धी अंतरराष्ट्रीय विमानन बाजार में कंपनी को आगे ले जाने में भी वे अहम भूमिका निभाएंगे। विक्रम सिंह मेहता ने कहा कि विली की नियुक्ति के साथ इंडिगो के लिए एक नए दौर की शुरुआत होगी, क्योंकि कंपनी दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रही है।
वहीं अपनी नियुक्ति पर विलियम वॉल्श ने कहा कि इंडिगो जैसी एयरलाइन की कमान संभालना उनके लिए सम्मान की बात है। उन्होंने बताया कि कंपनी की नींव काफी मजबूत है, उसका लक्ष्य साफ है और उसकी पहचान भी बहुत अच्छी है। वॉल्श ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित यहां काम करने वाले लोग करते हैं। उनका जुनून, पेशेवर रवैया और काम के प्रति समर्पण काबिले-तारीफ है। उन्होंने यह भी कहा कि विमानन क्षेत्र तेजी से बदल रहा है और इंडिगो इस बदलाव में आगे रहने के लिए पूरी तरह तैयार है।
बता दें कि, इंडिगो के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीटर एल्बर्स ने अपने कार्यकाल पूरा होने से करीब 18 महीने पहले ही इस्तीफा देने का ऐलान कर दिया था। उनका इस्तीफा ऐसे समय पर आया, जब इस कम लागत वाली भारतीय एयरलाइन को बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होने की समस्या का सामना करना पड़ रहा था। इसका असर भारत समेत दुनिया भर के हजारों यात्रियों पर पड़ा था।