इंडिगो यात्रियों को मिला ₹610 करोड़ का रिफंड, सरकार का किराया और छूटे सामान के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम
Indigo crisis: इंडिगो के ऑपरेशनल संकट के बीच सरकार ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। एयरलाइन अब तक 610 करोड़ रुपये रिफंड कर चुकी है। सरकार ने किराये की लिमिट, फ्री री-शेड्यूलिंग और छूटे सामान के बारे में अहम आदेश दिया है। जानिए पूरी डिटेल।
सरकार ने इंडिगो को कहा है कि उड़ान अव्यवस्था के दौरान यात्रियों से अलग हुए सभी बैग 48 घंटे में खोजकर पहुंचाए जाएं।
Indigo crisis: केंद्र सरकार ने रविवार को बताया कि देशभर में उड़ान बाधित होने के बीच इंडिगो अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड प्रोसेस कर चुकी है। एयरलाइन की उड़ानें 5 दिसंबर को 706 से बढ़कर 6 दिसंबर को 1,565 तक पहुंच गईं। रविवार तक करीब 1,650 उड़ानें ऑपरेट होने का अनुमान है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कहा कि बाकी सभी घरेलू एयरलाइंस पूरी क्षमता के साथ सुचारू रूप से उड़ान भर रही हैं। इंडिगो सामान्य स्थिति में 2,300 उड़ानें ऑपरेट करती है।
फेयर कैप से टिकट कीमतों पर लगाम
उड़ान रद्द होने से अन्य फ्लाइट्स पर अचानक मांग बढ़ी और कई रूट्स पर किराए तेज उछाल लेने लगे। इसके बाद मंत्रालय ने तत्काल किराया सीमा लागू की। मंत्रालय के मुताबिक, प्रभावित रूट्स पर टिकट कीमतें अब स्वीकार्य स्तर पर लौट आई हैं।
एयरलाइंस को नए किराया बैंड का कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है। कोविड अवधि के बाद यह सरकार की सबसे सीधी और हस्तक्षेप वाली प्राइसिंग कार्रवाई मानी जा रही है।
रिफंड और री-शेड्यूलिंग के लिए सख्त समयसीमा
सरकार ने यात्रियों का वित्तीय नुकसान कम करने के लिए इंडिगो को आदेश दिया कि सभी रद्द या बहुत देर से चलने वाली उड़ानों का रिफंड रविवार रात 8 बजे तक पूरा किया जाए। अब तक 610 करोड़ रुपये के रिफंड हो चुके हैं।
सरकार ने निर्देश दिया है कि रद्द उड़ानों के कारण यात्रा बदलने पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके लिए विशेष सपोर्ट सेल बनाए गए हैं जो रिफंड और रीबुकिंग को बिना देरी के संभालेंगे।
48 घंटे में छूटा सामान पहुंचाने का आदेश
मंत्रालय ने इंडिगो को कहा है कि उड़ान अव्यवस्था के दौरान यात्रियों से अलग हुए सभी बैग 48 घंटे में खोजकर पहुंचाए जाएं। शनिवार तक एयरलाइन 3,000 से ज्यादा बैग यात्रियों को सौंप चुकी है। मंत्रालय ने कहा कि सभी यात्रियों के सामान वापस मिलने तक एयरलाइन को लगातार उनसे संपर्क बनाए रखना होगा।
एयरपोर्ट्स पर हालात सामान्य
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई, हैदराबाद, अहमदाबाद और गोवा के एयरपोर्ट डायरेक्टर्स ने बताया कि सभी टर्मिनलों पर संचालन सामान्य है। चेक-इन, सिक्योरिटी और बोर्डिंग पर कोई असामान्य भीड़ नहीं देखी गई। एयरपोर्ट ऑपरेटर्स और CISF की निगरानी बढ़ाई गई है ताकि यात्रियों को ऑन-ग्राउंड सहायता तुरंत मिल सके।
24×7 कंट्रोल रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग
मंत्रालय का 24×7 कंट्रोल रूम उड़ान संचालन, एयरपोर्ट की स्थिति और यात्री शिकायतों की रियल-टाइम निगरानी कर रहा है। यात्रियों के कॉल्स का तुरंत जवाब दिया जा रहा है। ग्राउंड टीमों को ऑपरेशनल प्लानिंग, क्रू रोस्टरिंग और पैसेंजर सर्विसेज को बेहतर बनाने के लिए तैनात किया गया है। मंत्रालय ने कहा कि एयरलाइंस और एयरपोर्ट्स उसके सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहे हैं।
यात्रियों की सुविधा पहली प्राथमिकता
मंत्रालय ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और सम्मान उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भारत की एविएशन सेवाएं तेजी से सामान्य स्थिति की ओर लौट रही हैं। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किराया सीमा, रिफंड टाइमलाइन और बैगेज से जुड़े नियम तब तक लागू रहेंगे, जब तक इंडिगो का संचालन पूरी तरह स्थिर नहीं हो जाता।
विमानन मंत्रालय की निगरानी
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने एयरलाइंस के साथ एक और समीक्षा बैठक की। उन्होंने सभी हितधारकों से अलग-अलग चर्चा भी की है और एयरलाइन ऑपरेटरों के साथ एक और वर्चुअल बैठक जल्द आयोजित की जाएगी। मंत्रालय ने इंडिगो को निर्देश दिया है कि वह उड़ान रद्द होने की जानकारी यात्रियों को समय पर दे और रविवार रात 8 बजे तक सभी रद्द या बहुत विलंबित उड़ानों के रिफंड पूरी तरह प्रोसेस कर दे।
इंडिगो संकट का पर्यटन पर भी असर
उड़ानें रद्द होने और देरी होने से राजस्थान का टूरिस्ट सीजन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। होटल, टैक्सी वाले और टूर ऑपरेटरों को नुकसान हो रहा है। क्रिसमस और नए साल की छुट्टियों की कई बुकिंग कैंसिल हो गई हैं, खासकर जयपुर, उदयपुर और जोधपुर में।
पर्यटन राजस्थान की अर्थव्यवस्था में लगभग 12% योगदान देता है। इसलिए यह नुकसान बड़ा माना जा रहा है। एक्सपर्ट्स कहते हैं कि अगर फ्लाइट्स जल्दी सामान्य नहीं हुईं, तो पर्यटन पर और असर पड़ सकता है। हालांकि उम्मीद है कि उड़ानें पटरी पर आते ही यह सेक्टर फिर से तेजी पकड़ लेगा।