Kanpur IPL Betting Racket: कानपुर में IPL सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश, 3.91 करोड़ कैश के साथ 5 गिरफ्तार

Kanpur IPL Betting Racket: बुधवार, 22 अप्रैल को कानपुर पुलिस ने IPL सट्टेबाजी पर कार्रवाई करते हुए एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 3.91 करोड़ रुपये नकद और सट्टेबाजी का सामान बरामद किया है।

अपडेटेड Apr 23, 2026 पर 9:39 AM
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कानपुर में IPL सट्टेबाजी रैकेट का पर्दाफाश

Kanpur IPL Betting Racket: बुधवार, 22 अप्रैल को कानपुर पुलिस ने IPL सट्टेबाजी पर कार्रवाई करते हुए एक रैकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में 5 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से करीब 3.91 करोड़ रुपये नकद और सट्टेबाजी का सामान बरामद किया है।

पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने PTI को बताया कि आरोपी एक गैरकानूनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप Bethub24.com के जरिए सट्टा चला रहे थे, और इसके लिए वे "मास्टर आईडी" और सब-आईडी के नेटवर्क का इस्तेमाल कर रहे थे।

कई शिकायतों के बाद की गई कार्रवाई


रघुबीर लाल ने बताया कि शहर में बड़े पैमाने पर IPL सट्टेबाजी की कई शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई। उन्होंने आगे बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीमों ने मंगलवार रात गोविंदपुरी पुल के पास एक वाहन को रोका और दो आरोपियों को मोबाइल फोन पर सट्टेबाजी करते हुए पकड़ा।

अधिकारी ने बताया कि उनसे पूछताछ के बाद पुलिस किदवई नगर स्थित एक किराए के मकान तक पहुंची, जहां से तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

3.91 करोड़ रुपये कैश बरामद

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 3.91 करोड़ रुपये नकद, तीन करेंसी गिनने की मशीनें, एक करेंसी वेरिफिकेशन मशीन, मोबाइल फोन और सट्टेबाजी में इस्तेमाल होने वाले अन्य सामान बरामद किए।

गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कार्तिक लखवानी और राजकुमार के रूप में हुई है, जो कथित तौर पर सट्टेबाजी का संचालन करते थे। वहीं, गुजरात के कल्पेश, रवि नाई और विष्णु नकदी लाने-ले जाने और संभालने का काम करते थे।

एक आरोपी फरार

आरोपी मनीष उर्फ ​​"प्रोफेसर" फरार है। उसका आखिरी लोकेशन पुणे था, और उसे ट्रैक करने और गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं।

सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाते थे

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह सोशल मीडिया के जरिए लोगों को फंसाता था। वे लिंक भेजकर लोगों से ऐप डाउनलोड करवाते थे और सट्टेबाजी के अकाउंट बनवाते थे। एक लाख रुपये तक की जीत की रकम ऑनलाइन ट्रांसफर की जाती थी, जबकि बड़ी रकम का भुगतान कैश में किया जाता था।

आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि वे बड़े दांव लगाने वाले सट्टेबाजों को नुकसान पहुंचाने के लिए परिणामों में हेरफेर करते थे।

शुरुआती जांच में पता चला कि कार्तिक लखवानी, जो बटर पेपर फैक्ट्री चलाता है, और राजकुमार ने फरार सरगना से मास्टर बेटिंग आईडी ली थी।

वहीं, गुजरात के आरोपियों को नकदी संभालने और ले जाने के काम के लिए हर महीने 13,000 से 20,000 रुपये तक की सैलरी दी जाती थी।

पुलिस ने आयकर विभाग सूचना दी

पुलिस ने बताया कि जब्त की गई राशि की सूचना आयकर विभाग को दे दी गई है और उचित प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह रकम उन्हें सौंप दी जाएगी।

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