ईरान और इजरायल के बीच एक बार फिर जंग शुरू हो गई है। इजरायल ने शनिवार दोपहर ईरान पर ताबड़तोड़ मिसाइल हमला कर दिया। इसके बाद ईरान ने भी जवाबी हमला किया है। वहीं इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच भारत ने क्षेत्र में लंबे समय तक चलने वाले संघर्ष को रोकने के लिए तुरंत तनाव कम करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।
तनाव कम करने पर भारत का जोर
नई दिल्ली के सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि मौजूदा स्थिति बेहद अस्थिर बनी हुई है, जहां लगातार हमले हो रहे हैं और नेतृत्व स्तर पर लिए जाने वाले फैसलों को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। इससे बड़े स्तर पर संघर्ष बढ़ने का खतरा भी बढ़ गया है। सूत्रों के अनुसार, भारत की सबसे बड़ी प्राथमिकता जल्द से जल्द तनाव कम कराना है। इसी दिशा में भारत वाशिंगटन, तेल अवीव और तेहरान के साथ बैक-चैनल कूटनीतिक बातचीत को बढ़ावा दे रहा है।
भारत सरकार ने कहा है कि वह इन देशों में हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और दूतावास स्थानीय प्रशासन के संपर्क में हैं। जरूरत पड़ने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल भारतीय नागरिकों से घबराने की बजाय सतर्क रहने, केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने और किसी भी आपात स्थिति में संबंधित दूतावास से तुरंत संपर्क करने की अपील की गई है। भारत ने स्पष्ट किया है कि वह मौजूदा संकट के दौरान सभी पक्षों के साथ संतुलित संबंध बनाए रखते हुए अपनी रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करते हुए सभी संबंधित देशों के साथ संवाद जारी रखना चाहता है।
वहीं ईरान में हुए एक हमले में कम से कम 40 छात्राओं की मौत हो गई, जबकि 45 अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, इज़राइल और अमेरिका ने संयुक्त रूप से एक गर्ल्स स्कूल को निशाना बनाया। यह हमला ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य अभियान का हिस्सा बताया जा रहा है। यह स्कूल होर्मोज़गान प्रांत के मिनाब शहर में स्थित है। इस इलाके में ईरान की पैरामिलिट्री फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड का एक सैन्य बेस भी मौजूद है। हमले के बाद सामने आए वीडियो और तस्वीरों में घटनास्थल पर भारी मलबा और अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दिया।