FSSAI: भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने छह बेवरेज (पेय) ब्रांड्स को "एनर्जी ड्रिंक" शब्द के इस्तेमाल और कथित तौर पर गुमराह करने वाले दावों को लेकर नोटिस जारी किए हैं। फूड रेगुलेटर के मुताबिक, "एनर्जी ड्रिंक" या इसी तरह के बेचे जाने वाले दूसरे प्रोडक्ट्स के लिए अभी तक कोई मानक तय नहीं किया गया है।
एक इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, "FSSAI ने 'एनर्जी ड्रिंक' होने का दावा करने वाले कई बेवरेज ब्रांड्स को गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों के लिए नोटिस जारी किए हैं।"
जिन ब्रांड्स को नोटिस मिले
ये नोटिस Red Bull, Sting, Monster, Campa Energy, Hell Energy, Adrenaline Rush और Gold Boost को जारी किए गए हैं। आरोप है कि कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की ब्रांडिंग और दावों के जरिए ग्राहकों को गुमराह कर रही हैं। हालांकि, इन कंपनियों की तरफ से तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली है।
FSSAI का कहना है कि भारत में अब तक Energy Drink नाम की कोई आधिकारिक फूड कैटेगरी या उसका कोई अलग मानक तय नहीं किया गया है। इसका मतलब यह है कि किसी प्रोडक्ट को सिर्फ Energy Drink कहकर बेचना या उसी नाम से प्रचार करना नियमों के अनुरूप नहीं माना जा सकता। रेगुलेटर का कहना है कि फूड कैटेगरी सिस्टम केवल प्रशासनिक वर्गीकरण के लिए है। इसे प्रोडक्ट का नाम या मार्केटिंग टर्म नहीं बनाया जा सकता।
FSSAI ने प्रोडक्ट के दावों के बारे में क्या कहा?
FSSAI ने कहा है कि किसी भी खाने-पीने के प्रोडक्ट्स पर ऐसे दावे नहीं किए जा सकते जो शरीर या दवा से जुड़े हों (functional या therapeutic claims)। रेगुलेटर के अनुसार, “शरीर और दिमाग को मजबूत करना”, “ध्यान बढ़ाना”, “एनर्जी लेवल बढ़ाना”, “कमजोरी दूर करना” जैसे दावे या ऐसे ही अन्य दावे खाद्य उत्पादों पर करना नियमों के खिलाफ है। ये दावे FSS Act 2006 और उसके तहत बने नियमों के अनुसार मान्य नहीं हैं।
FSSAI ने हाल के महीनों में गलत ब्रांडिंग और गुमराह करने वाले दावों को लेकर फूड बिजनेस ऑपरेटर्स के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। रेगुलेटर ने ग्राहकों से मिली शिकायतों के आधार पर भी कार्रवाई की है और फूड सेफ्टी व रेगुलेटरी नियमों के पालन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कार्रवाई की जानकारी भी शेयर की है।