ईरान से चल रहे जंग के बीच सोमवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इजरायल के समर्थन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद कहा। बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमवार को बताया कि उन्होंने पश्चिम एशिया में चल रहे मौजूदा हालात को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लंबी बातचीत की। नेतन्याहू ने कहा कि ईरान के साथ जारी संघर्ष के दौरान इजरायल और यहूदी समुदाय के समर्थन में खड़े रहने के लिए उन्होंने पीएम मोदी का धन्यवाद किया।
जंग के बीच पीएम मोदी ये हुई बात
मीडिया से बातचीत करते हुए नेतन्याहू ने यह भी पुष्टि की कि दोनों नेताओं के बीच क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और मौजूदा तनाव को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। यह बातचीत उस जगह से की गई, जहां हाल ही में ईरानी मिसाइल हमला हुआ था। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने अपने अच्छे मित्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हाल ही में लंबी बातचीत की है। उन्होंने बताया कि इस बातचीत के दौरान उन्होंने इजरायल और यहूदी समुदाय के समर्थन में खड़े रहने के लिए पीएम मोदी और भारत की जनता का आभार जताया।
नेतन्याहू ने कहा कि भारत और इजरायल के बीच गहरी दोस्ती है और वह इसके लिए प्रधानमंत्री मोदी की सराहना करते हैं। हालांकि उन्होंने बातचीत की पूरी जानकारी साझा नहीं की, लेकिन इतना जरूर बताया कि उन्होंने इस मुद्दे पर क्षेत्र के कई अन्य देशों के नेताओं से भी बात की है।
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का यह बयान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने बताया था कि दोनों नेताओं के बीच मौजूदा हालात को लेकर फोन पर बातचीत हुई है। पीएम मोदी ने कहा था कि उन्होंने हाल के घटनाक्रमों पर भारत की चिंता जाहिर की और आम नागरिकों की सुरक्षा को सबसे ज्यादा अहम बताया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू से क्षेत्र की स्थिति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत लगातार तनाव और दुश्मनी को जल्द खत्म करने तथा शांति बहाल करने की जरूरत पर जोर देता है।
यह बातचीत ऐसे समय में हुई, जब अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई के मारे जाने की खबर सामने आई थी। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र के आसपास इजरायल और अमेरिकी सैन्य ठिकानों के साथ-साथ दुबई और दोहा जैसे प्रमुख बिज़नेस और एविएशन केंद्रों की ओर ड्रोन और मिसाइल हमले किए।