J&K Crackdown: जम्मू कश्मीर पुलिस ने गांदरबल जिले में आतंकवादियों से कथित संबंधों में दो मददगारों को गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस ने बुधवार (31 दिसंबर) देर रात गुंडरेहमन पुल पर जांच के दौरान दो लोगों को हिरासत में लिया। इस दौरान उनके पास से हथियार, गोला-बारूद और 8.40 लाख रुपये कैश बरामद किया है। अधिकारी ने बताया कि आरोपियों की पहचान गुलाम नबी मीर और शबनम नजीर के रूप में हुई है।
उन्होंने कहा, "गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों से बरामद की गई वस्तुओं में एक चीनी पिस्तौल, एक मैगजीन, चार गोलियां और दो हैंड ग्रेनेड भी शामिल हैं।" अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में गांदरबल थाने में गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (UAPA) और आर्म एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। साथ ही बरामद किए गए हथियारों, गोला-बारूद और कैश के सोर्स, उद्देश्य और संभावित संबंधों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
यह ऑपरेशन गुंडरेहमान ब्रिज के पास पुलिस स्टेशन गांदरबल ने स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) के सहयोग से किया। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, खास जानकारी के आधार पर कश्मीर पुलिस टीम ने रूटीन नाका चेकिंग के दौरान रजिस्ट्रेशन नंबर JK15B-7309 वाले एक लोड कैरियर को रोका। इस दौरान कार की तलाशी लेने पर एक चीनी पिस्तौल, एक पिस्तौल मैगजीन, चार राउंड गोला-बारूद, दो हैंड ग्रेनेड और 8,40,500 रुपये कैश बरामद हुए।
गांदरबल पुलिस ने जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के अपने संकल्प को दोहराया। साथ ही नागरिकों से आपराधिक या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों से संबंधित जानकारी शेयर करके मदद करने की अपील की।
इसके पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप ने 7 दिसंबर को डोडा जिले के भलारा जंगल इलाके में एक कोऑर्डिनेटेड सर्च ऑपरेशन चलाया था। इंटेलिजेंस इनपुट पर कार्रवाई करते हुए SOG टीम ने जंगल क्षेत्र में तलाशी ली थी। इस दौरान एक SLR राइफल, दो मैगजीन और 22 जिंदा राउंड बरामद हुए थे।
इस बीच, जम्मू कश्मीर के पुंछ जिले में भारत-पाकिस्तान सीमा के पास गुरुवार (1 जनवरी) को सेना ने एक संदिग्ध खेप बरामद की। आशंका है कि यह खेप ड्रोन से गिराई गई थी। अधिकारियों ने बताया कि यह खेप सुबह के समय खारी गांव के चक्कन दा बाग इलाके में रंगर नाला और पुंछ नदी के बीच गिराई गई थी।
उन्होंने बताया कि सेना को एक बैग मिला। इसमें दर्जनों कारतूस थे। साथ ही एक पीले रंग का टिफिन बॉक्स भी बरामद हुआ। इसके बारे में आशंका है कि वह एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) हो सकता है। उन्होंने बताया कि विस्फोट के खतरे की आशंका को देखते हुए सबसे पहले बम निरोधक दस्ते ने बैग की जांच की।