बांग्लादेश में एक और हिंदू पर भीड़ ने किया हमला, कट्टरपंथियों ने खोकोन चंद्र दास को किया आग के हवाले

Hindus attacked in Bangladesh: बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास नाम के एक और हिंदू व्यक्ति पर 31 दिसंबर की रात को एक हिंसक ग्रुप ने हमला किया। 50 साल का यह आदमी हमले में घायल हो गया। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने उसे आग लगा दी गई। यह घटना 31 दिसंबर को पड़ोसी देश के शरियतपुर जिले में हुई

अपडेटेड Jan 01, 2026 पर 5:33 PM
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Hindus attacked in Bangladesh: बांग्लादेश में एक और हिंदू खोकेन दास पर 31 दिसंबर की देर रात हमला किया गया

Hindus attacked in Bangladesh: बांग्लादेश में हिंदुओं पर अत्याचार थमने का नाम नहीं ले रहा है। कट्टरपंथियों ने पड़ोसी देश में एक और हिंदू व्यक्ति पर हमला किया है। बांग्लादेश में खोकोन चंद्र दास नाम के एक और हिंदू व्यक्ति पर 31 दिसंबर की रात को एक हिंसक ग्रुप ने हमला किया। 50 साल का यह आदमी हमले में घायल हो गया। NDTV के मुताबिक, हिंसक भीड़ ने पेट्रोल डालकर उसे आग लगा दी। यह घटना 31 दिसंबर को पड़ोसी देश के शरियतपुर जिले में हुई।

पीड़ित एक कारोबारी थे। दास अपने घर जा रहा था, तभी भीड़ ने उस पर धारदार हथियारों से हमला किया। फिर उसे बुरी तरह से पीटा और आग लगा दी। यह बांग्लादेश में हिंदू व्यक्ति पर चौथा हमला है। 24 दिसंबर को 29 साल के एक और हिंदू युवक अमृत मंडल को कथित तौर पर बांग्लादेश के कलिमोहर यूनियन के हुसैनडांगा इलाके में भीड़ ने पीट-पीटकर मार डाला था।

इससे पहले 18 दिसंबर को 25 साल के एक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को मैमनसिंह के भालुका उपजिला में उसकी फैक्ट्री में एक मुस्लिम सहकर्मी द्वारा झूठे ईशनिंदा के आरोपों पर भीड़ ने बेरहमी से मार डाला था। भीड़ ने दास को बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला और फिर उसके शव को सरेआम एक पेड़ से लटकाकर आग लगा दी।


बांग्लादेश में यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के तहत अल्पसंख्यकों खासकर हिंदुओं पर लगातार हमले हो रहे हैं। हिंदुओं के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है, जिससे दुनिया भर के लोगों और कई मानवाधिकार संगठनों में गुस्सा है। पिछले हफ्ते भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों हिंदू, ईसाई और बौद्ध के खिलाफ लगातार दुश्मनी पर गहरी चिंता जताई। भारत ने कहा कि वह अपने पड़ोसी देश में हो रहे घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहा है।

इस बीच भारत के प्रमुख मुस्लिम संगठन जमीयत उलेमा-ए- हिंद (AM) के प्रमुख मौलाना अरशद मदनी ने ईशनिंदा के आरोप में भीड़ द्वारा पीट-पीटकर एक हिंदू व्यक्ति की हत्या करने की निंदा करते हुए इसे क्रूरता की पराकाष्ठा बताया। उन्होंने दोषियों के लिए कड़ी सजा की मांग की।

संगठन की ओर से जारी एक बयान के मुताबिक, मौलाना मदनी ने पड़ोसी मुल्क में अल्पसंख्यक समुदाय पर हो रहे जुल्म को बहुत बुरा बताते हुए कहा कि यह कृत्यकेवल इस्लामी शिक्षाओं का उल्लंघन है। बल्कि इस्लाम को बदनाम करने वाला भी है। इसलिए ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए

उन्होंने हाल ही में देश में क्रिसमिस के मौके पर कुछ तत्वों द्वारा किए गए उपद्रव को अनुचित ठहरते हुए दावा किया कि देश की सरकार ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। मदनी ने देश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और भीड़ द्वारा उनकी पीट-पीटकर हत्या करने के मुद्दे को उठाया। साथ ही दुख जताया कि इन पर उस तरह का आक्रोश देखने को नहीं मिलता जैसा बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों को लेकर देखने को मिल रहा है।

भारत ने जताई चिंता

भारत ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ लगातार जारी शत्रुतापूर्ण गतिविधियों पर पिछले शुक्रवार को गंभीर चिंता का विषय बताया। विदेश मंत्रालय ने पिछले सप्ताह मैमनसिंह क्षेत्र में एक हिंदू युवक की पीट-पीटकर हत्या करने में शामिल दोषियों को दंडित करने की मांग की। मदनी ने बांग्लादेश की घटना पर कहा कि भीड़ द्वारा हिंसा में किसी को बेरहमी से मार देना केवल एक हत्या नहीं। बल्कि क्रूरता की पराकाष्ठा है। इसकी जितनी निंदा की जाए कम है।

मुस्लिम वर्ल्ड लीग के सदस्य मदनी ने अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा के लिए धार्मिक कट्टरता को मूल वजह बताते हुए कहा, "सत्ता प्राप्त करने के लिए कुछ लोग धर्म का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इससे धार्मिक कट्टरता में ख़तरनाक हद तक बढ़ोतरी हो रही है। इसकी वजह से अल्पसंख्यक जहां भी हैं खुद को असुरक्षित समझने लगे हैं।"

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बुजुर्ग मुस्लिम नेता ने कहा, "बांग्लादेश... अपने देश या फिर किसी अन्य देश में, जो कुछ भी हो रहा है, इसके पीछे धार्मिक कट्टरता की ही मूल भूमिका है" मदनी ने कहा कि धार्मिक होना गलत नहीं है। बल्कि हर व्यक्ति को अपने धर्म और इसकी शिक्षाओं का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। लेकिन जब इसमें कट्टरता आ जाती है तो फिर लोग दूसरे धर्म को गलत समझने लगते हैं, जिससे टकराव की शुरुआत होती है।

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