US-Iran Peace Deal: होर्मुज खोलने से लेकर न्यूक्लियर पर बातचीत तक...अमेरिका-ईरान शांति समझौते के 14 पॉइंट्स में क्या है?
US-Iran Reach Peace Agreement: अमेरिका और ईरान के अधिकारियों द्वारा पुष्टि किए गए इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। हालांकि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का पूरा टेक्स्ट आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है। ईरान-अमेरिका के बीच हुए 14-पॉइंट वाले ड्राफ्ट समझौते की डिटेल्स सामने आ चुकी है
US-Iran Reach Peace Agreement: ईरान-अमेरिका मसौदा समझौते की कथित 14 प्रमुख शर्तें सामने आ चुकी है
US-Iran Reach Peace Agreement: अमेरिका के साथ एक समझौते के तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से टोल न लेने पर सहमत हो गया है। अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए एक शुरुआती करार हुआ है। इसका मकसद तीन महीने से ज्यादा समय से चल रही जंग को खत्म करना, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना और तेहरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत का नया दौर शुरू करना है।
वॉशिंगटन और तेहरान के अधिकारियों द्वारा पुष्टि किए गए इस समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाने हैं। हालांकि मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) का पूरा टेक्स्ट आधिकारिक तौर पर जारी नहीं किया गया है। लेकिन ईरान की 'मेहर न्यूज एजेंसी' ने ईरान की बातचीत करने वाली टीम के करीबी सूत्रों का हवाला देते हुए 14-पॉइंट वाले ड्राफ्ट समझौते की जानकारी दी है, जो इस बड़ी कामयाबी का आधार बना।
बताई गई शर्तों में एक व्यापक रोडमैप शामिल है, जिसमें युद्धविराम, प्रतिबंधों में ढील, ईरान की फ़्रीज की गई संपत्ति को जारी करना, जरूरी शिपिंग रूट को फिर से खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर अंतिम समझौते के लिए बातचीत की प्रक्रिया शामिल है। ईरानी अधिकारियों ने जोर दिया है कि ड्राफ्ट की समीक्षा और देश की संबंधित संस्थाओं से मंजूरी अभी भी जरूरी है।
होर्मुज पर अब टोल नहीं लगेगा
'फॉक्स न्यूज' ने सूत्र के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया है कि ईरान उस रणनीतिक जलडमरूमध्य को खोल देगा जहां कोई टोल नहीं लिया जाएगा। अमेरिकी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने चैनल को बताया कि अगर यह समझौता हो जाता है, तो ईरान के जलडमरूमध्य खोलने के साथ ही अमेरिका नाकेबंदी हटा लेगा। इसके बाद बारूदी सुरंगें हटाने का काम शुरू होगा।
इससे पहले, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा था कि ईरान और ओमान जल्द ही होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग मैनेजमेंट पर एक संयुक्त बयान जारी करेंगे। उन्होंने कहा कि टोल लेने के बारे में कोई बात नहीं हुई है। लेकिन सेवाओं के लिए शुल्क लिए जाने की उम्मीद है।
समझौते के केंद्र में युद्धविराम और दुश्मनी का अंत
रिपोर्ट के अनुसार, पहली शर्त में लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को स्थायी और तत्काल रूप से खत्म करने की बात कही गई है। डील में अमेरिका का यह वादा भी शामिल है कि वह ईरान की संप्रभुता का सम्मान करेगा और उसके आंतरिक मामलों में दखल नहीं देगा।
ड्राफ्ट में 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी हटाने और ईरान के आसपास तैनात सेना को वापस बुलाने के अमेरिकी वादे की भी परिकल्पना की गई है। एक और अहम शर्त में ईरान की देखरेख में 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है।
यह फ़्रेमवर्क उस संघर्ष के बाद आया है जिसमें हजारों लोग मारे गए, जिनमें से ज़्यादातर ईरान और लेबनान के थे। युद्ध के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को प्रभावी ढंग से ब्लॉक कर दिया था। साथ ही, अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों को ब्लॉक करके जवाब दिया, जिससे ऊर्जा का बड़ा संकट पैदा हुआ। वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई।
US-ईरान शांति समझौते के प्रमुख 14 पॉइंट्स
1. लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध को हमेशा के लिए और तुरंत खत्म करना।
2. ईरान के अंदरूनी मामलों में दखल न देने और ईरान की संप्रभुता का सम्मान करने का अमेरिकी वादा।
3. 30 दिनों के भीतर नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह से हटाना जाएगा।
4. ईरान के आसपास से सेना हटाने का अमेरिका ने वादा किया है।
5. ईरान की व्यवस्था के तहत 30 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलना।
6. ईरानी तेल और पेट्रोकेमिकल की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों को रोकना और वित्तीय संसाधनों तक पहुंच बहाल करना।
7. अमेरिका और उसके सहयोगियों द्वारा कम से कम 300 अरब डॉलर की पुनर्निर्माण योजनाएं पेश करना।
8. परमाणु मुद्दे और प्रतिबंधों एवं संबंधित अंतरराष्ट्रीय पाबंदियों को हटाने पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की अवधि होगी।
9. परमाणु हथियार न बनाने की 'परमाणु अप्रसार संधि' (Nuclear Non-Proliferation Treaty) के तहत ईरान द्वारा अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराना।
10. बातचीत की अवधि के दौरान क्षेत्र में अतिरिक्त सेना तैनात न करने या नए प्रतिबंध न लगाने का अमेरिकी वादा किया गया है।
11. 60 दिनों की बातचीत के दौरान ईरान के रुके हुए 24 अरब डॉलर जारी करना, जिसमें से आधी रकम बातचीत शुरू होने से पहले उपलब्ध कराई जाएगी।
12. समझौते के कार्यान्वयन की निगरानी के लिए एक निगरानी तंत्र की स्थापना की जाएगी।
13. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के माध्यम से अंतिम समझौते की पुष्टि।
14. ईरान के रुके हुए फंड का आधा हिस्सा जारी होने, तेल प्रतिबंधों को रोकने और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने के बाद ही अंतिम बातचीत शुरू होगी।