झारखंड में राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, संख्या कम थी फिर भी NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी जीते, INDIA गुट को झटका

जीत के बाद परिमल नथवानी ने इसे गर्व और विनम्रता का क्षण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि झारखंड उनकी "कर्मभूमि" है और इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा 2008 में शुरू हुई थी। साल 2020 में नथवानी युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) में शामिल हुए और आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने

अपडेटेड Jun 18, 2026 पर 7:20 PM
झारखंड में राज्यसभा चुनाव में बड़ा उलटफेर, संख्या कम थी फिर भी NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी जीते

झारखंड में राज्यसभा चुनाव के नतीजों ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। NDA समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नथवानी ने राज्यसभा सीट जीत ली, जबकि विधानसभा में NDA के पास पर्याप्त संख्या नहीं थी। उनकी जीत के बाद INDIA गठबंधन में क्रॉस वोटिंग की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राज्यसभा चुनाव में कुल तीन वोट रद्द हुए हैं। सूत्रों ने बताया कि इसमें दो वोट बीजेपी समर्थित प्रत्याशी को दिया गया था, जबकि एक वोट कांग्रेस प्रत्याशी को दिया गया था। किस पार्टी के विधायक का वोट रद्द हुआ, फिलहाल जानकारी नहीं है।

वहीं दूसरी सीट पर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के उम्मीदवार बैद्यनाथ राम की जीत लगभग तय मानी जा रही है।

81 सदस्यीय झारखंड विधानसभा में राज्यसभा चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कम से कम 28 प्रथम वरीयता वोटों की जरूरत थी।


परिमल नथवानी को 32 वोट मिले, हालांकि इनमें से दो वोट अमान्य घोषित कर दिए गए। NDA के पास विधानसभा में केवल 24 विधायक हैं (कुछ रिपोर्टों में समर्थक विधायकों को जोड़कर 28 तक का आंकड़ा बताया गया है), ऐसे में नथवानी की जीत ने साफ संकेत दिया कि उन्हें विपक्षी खेमे से भी समर्थन मिला।

झारखंड विधानसभा में INDIA गठबंधन के पास 56 विधायक हैं, जबकि भाजपा नीत एनडीए के पास 24 विधायक हैं। ऐसे में नथवानी की जीत बिना क्रॉस वोटिंग के संभव नहीं मानी जा रही।

कांग्रेस उम्मीदवार को झटका

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार प्रवण झा को हार का सामना करना पड़ा। उनकी हार के बाद यह चर्चा शुरू हो गई कि INDIA गठबंधन के कुछ विधायक, खासकर RJD और वाम दलों के कुछ सदस्यों ने नथवानी के पक्ष में मतदान किया।

हालांकि अभी तक किसी दल ने आधिकारिक तौर पर क्रॉस वोटिंग की पुष्टि नहीं की है।

जीत के बाद क्या बोले नथवानी?

जीत के बाद परिमल नथवानी ने इसे गर्व और विनम्रता का क्षण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि झारखंड उनकी "कर्मभूमि" है और इसी राज्य से उनकी संसदीय यात्रा 2008 में शुरू हुई थी।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा नेतृत्व और NDA का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन सभी विधायकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने उनके पक्ष में मतदान किया।

नथवानी ने कहा कि वह आगे भी झारखंड और यहां के लोगों के हितों के लिए काम करते रहेंगे।

कौन हैं परिमल नथवानी?

परिमल नथवानी देश के जाने-माने उद्योगपति हैं। वह पहली बार 2008 में झारखंड से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में राज्यसभा पहुंचे थे। इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार भी झारखंड से राज्यसभा चुनाव जीता।

साल 2020 में नथवानी युवजन श्रमिका रायथू कांग्रेस पार्टी (YSRCP) में शामिल हुए और आंध्र प्रदेश से राज्यसभा सांसद बने।

अब एक बार फिर झारखंड से राज्यसभा पहुंचकर उन्होंने अपनी राजनीतिक वापसी दर्ज कराई है। उनकी जीत ने न सिर्फ कांग्रेस को झटका दिया है, बल्कि INDIA गठबंधन की एकजुटता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

SP Split Buzz: 'सहानुभूति रखें और तरस खाएं इन पर...'; सपा सांसदों में फूट के ओपी राजभर के दावों पर राजीव राय का पलटवार

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।