SP Split Buzz: 'सहानुभूति रखें और तरस खाएं इन पर...'; सपा सांसदों में फूट के ओपी राजभर के दावों पर राजीव राय का पलटवार
SP Split Buzz: समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी फूट के दावे ऐसे समय में किए गए हैं जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) अप्रत्याशित टूट का सामना कर रही है। जबकि विपक्षी खेमे में एक अन्य प्रमुख पार्टी शिवसेना (UBT) संकट का सामना कर रही है क्योंकि उसके 9 लोकसभा सदस्य कथित तौर पर सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे शिवसेना में शामिल होने को इच्छुक है
SP Split Buzz: पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र के बाद अब उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी में फूट का दावा किया जा रहा है
SP Split Buzz: पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) में टूट और महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) में फूट के बाद अब टूट की जंग उत्तर प्रदेश की सियासत में एंट्री कर गई है। यूपी सरकार में मंत्री एवं सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया है कि समाजवादी पार्टी (सपा) में बड़ी टूट होगी। उन्होंने कहा कि कई सपा नेता भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने के लिए भी तैयार हैं। इसके अलावा यूपी के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने भी कहा है कि SP के 25-26 सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार हैं। हालांकि समाजवादी पार्टी ने इन दावों को खारिज किया है।
योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर के एक सनसनीखेज दावे ने समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) में हड़कंप मचा दिया है। इस बीच घोसी लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने बिना किसी का नाम लिए केशव प्रसाद मौर्य और ओम प्रकाश राजभर दोनों पर तंज कसते हुए पलटवार किया है।
सपा मुखिया अखिलेश यादव के करीबी सांसद राय ने गुरुवार को X पर लिखा, "सरकार में एक माननीय अपना स्टूल बचाने के चक्कर में और एक मौसमी माननीय अपने पुत्रों के लिए टिकट के चक्कर में बदहवासी में बोले जा रहे हैं क्योंकि भाजपा नेतृत्व इनकी ज़मीनी हैसियत को जान गया हैं और भाव देना बंद कर दिया है। कुछ मीडिया के साथियों के सहयोग से बस चर्चा में बने रहना चाहते हैं ।कृपया इनसे सहानुभूति रखे और तरस खाए इन पर...।"
ओपी राजभर ने क्या कहा था?
ओम प्रकाश राजभर ने बुधवार 17 जून को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में दावा किया कि सपा नेता राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है। हालांकि, उन्होंने कथित पत्र के बारे में कोई डिटेल्स नहीं दिया। राजभर ने कहा, "समाजवादी पार्टी में बड़ी टूट होगी। राम गोपाल यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को एक पत्र सौंपा है।" उन्होंने पिछले मामलों की जांच का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि सपा पर दबाव बढ़ रहा है।
राजभर ने कहा, "खनन घोटाले और गोमती रिवर फ्रंट घोटाले का मास्टरमाइंड कौन है, यह पूरा उत्तर प्रदेश जानता है। जैसे-जैसे शिकंजा कस रहा है, सपा की चिंता बढ़ती जा रही है।" उन्होंने दावा किया कि यह स्थिति केवल महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल तक सीमित नहीं है। बल्कि समूची सपा BJP में शामिल होने के लिए तैयार बैठी है। राजभर उत्तर प्रदेश में BJP की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दल सुभासपा के प्रमुख हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी के 37 सांसद हैं।
डिप्टी सीएम का भी बड़ा दावा
इस बीच, कानपुर में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने भी पत्रकारों से बातचीत में दावा किया कि बड़ी संख्या में सपा सांसद पार्टी छोड़ने को तैयार है। उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी में करीब 25 से 26 सांसद टूटने को तैयार हैं। हम पार्टी को तोड़ने का प्रयास नहीं कर रहे, बल्कि वर्ष 2027 तक वे खुद ही पार्टी छोड़ देंगे।" मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, "इस पार्टी का चुनाव चिह्न सत्ता में नहीं लौटेगा। अखिलेश यादव की साइकिल सैफई जाएगी, लेकिन वह सत्ता के गलियारे तक नहीं पहुंचेगी।"
अखिलेश ने किया खारिज
समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर के उस दावे को खारिज कर दिया जिसमें सपा में जल्द ही विभाजन होने की बात कही गई है।
अखिलेश ने कहा कि उनकी पार्टी मजबूत बनी हुई है। साथ ही आरोप लगाया कि BJP का प्रलोभन और दबाव के माध्यम से दलों को तोड़ने का इतिहास रहा है। बाद में X पर एक अन्य पोस्ट में इशारों में उन्होंने कहा, जो लोग दूसरी पार्टियों में फूट का अनुमान लगा रहे हैं, उन्हें पहले अपनी स्थिति पर नजर डालनी चाहिए।
सपा के भीतर संभावित असंतोष की खबरों पर एक सवाल का जवाब देते हुए यादव ने कहा कि BJP पहले भी कई राजनीतिक दलों को तोड़ने में सफल रही है, जिसमें विधायकों और नेताओं को समाजवादी पार्टी से दूर करना भी शामिल है।
उन्होंने कहा, "अगर आप उत्तर प्रदेश को देखें, तो कई सपा विधायकों, विधानपरिषद सदस्यों और यहां तक कि राज्यसभा सदस्यों को भी छीन लिया गया। इसके पीछे कोई स्वार्थ, कोई लालच या कोई डर रहा होगा। जो लोग डर जाते हैं, वे अपनी पार्टी छोड़ देते हैं।"
ये दावे ऐसे समय में किए गए हैं जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) अप्रत्याशित टूट का सामना कर रही है। जबकि विपक्षी खेमे में एक अन्य प्रमुख पार्टी शिवसेना (UBT) संकट का सामना कर रही है क्योंकि उसके 9 लोकसभा सदस्यों में से 6 सांसद कथित तौर पर सत्तारूढ़ एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने को इच्छुक हैं।