SIR Row: सुप्रीम कोर्ट के जज जस्टिस उज्ज्वल भुइयां ने रविवार (4 अक्टूबर) को कहा कि लाखों भारतीय नागरिकों को उनके मताधिकार से वंचित करने वाली कोई भी प्रक्रिया मूल रूप से मनमानी और संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की प्रक्रिया को किसी भी तरह की दलीलों के जरिये उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रक्रिया संवैधानिक व्यवस्था को नकारती है। जस्टिस भुइयां ने कहा कि चाहें अरबपति हो या रिक्शा चलाने वाला हो। दोनों के वोट की कीमत बराबर होती है।
