Kalyan-Dombivli Mayor: उद्धव ठाकरे के साथ खेला! कल्याण-डोंबिवली में राज ठाकरे की MNS ने शिंदे की शिवसेना से मिलाया हाथ

Kalyan-Dombivli Municipal Corporation Mayor: महाराष्ट्र के कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने BJP के सहयोगी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को सपोर्ट कर दिया है। इससे शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है

अपडेटेड Jan 21, 2026 पर 5:45 PM
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Kalyan-Dombivli Municipal Corporation: राज ठाकरे की MNS ने कल्याण-डोंबिवली में एकनाथ शिंदे की शिवसेना का साथ दिया है ताकि BJP मेयर पद से दूर रहे

Kalyan-Dombivli Municipal Corporation Mayor: महाराष्ट्र के ठाणे में कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) में एक नए राजनीतिक समीकरण ने भूचाल मचा दिया है। इसमें राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने कल्याण-डोंबिवली में एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को समर्थन दिया है। शिवसेना ने स्थानीय निकाय चुनाव भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ महायुति गठबंधन के रूप में लड़ा था। जबकि शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे और MNS अध्यक्ष राज ठाकरे ने एक साथ बृहन्मुंबई महानगर पालिका (BMC) का चुनाव लड़ा था।

शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने बुधवार (21 जनवरी) को दावा किया कि मनसे उनकी पार्टी को समर्थन दे रही है। हालांकि, इस बारे में प्रतिक्रिया जानने के लिए MNS के स्थानीय नेताओं से संपर्क करने का कई बार प्रयास किया गया। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। मनसे के इस फैसले को उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के लिए एक झटका माना जा सकता है, क्योंकि दोनों पार्टियों ने 15 जनवरी को BMC चुनाव में एकसाथ मिलकर लड़ा था।

कल्याण डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के 122 सदस्यीय सदन में शिवसेना 53 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। जबकि सहयोगी बीजेपी 50 सीट के साथ दूसरे स्थान पर है। मनसे की पांच सीट मिलने के साथ, गठबंधन की कुल ताकत अब 108 हो गई है। शिवसेना (UBT), कांग्रेस और NCP (शरद चंद्र पवार) ने क्रमशः 11, दो और एक सीट जीती है। मंडल आयुक्त कार्यालय के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए शिवसेना के कल्याण सांसद श्रीकांत शिंदे ने बताया कि उनकी पार्टी के 53 पार्षदों ने नगर निकाय में एक समूह बनाने के संबंध में पत्र सौंपा है।


उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, "मनसे के पांच पार्षदों ने ने अपना अलग गुट बनाया है। शिवसेना को समर्थन देने की घोषणा की है। लेकिन यह समर्थन सिर्फ शिवसेना और मनसे के बीच है, किसी अन्य पार्टी के साथ नहीं।" जब उनसे पूछा गया कि शिवसेना को किसी दूसरी पार्टी के समर्थन की जरूरत क्यों है। जबकि उसने बीजेपी के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था, तो उन्होंने कहा कि मेयर 'महायुति' गठबंधन से ही होगा।

उन्होंने कहा, "जो भी पार्टी शिवसेना का समर्थन करती है, उसका स्वागत है।" उन्होंने यह कहा कि मनसे ने स्थिरता और विकास के लिए पार्टी का समर्थन किया है। शिंदे ने कहा, "मनसे का मानना हो सकता है कि विकास के लिए हम सभी को साथ रहना चाहिए। इसलिए उन्होंने 'महायुति' का समर्थन किया है। (स्थानीय MNS नेता और पूर्व विधायक) राजू पाटिल मेरे दोस्त हैं।"

उनके अनुसार, शिवसेना (UBT) के पार्षद भी 'महायुति' का समर्थन कर सकते हैं, जो भी विकास के लिए समर्थन देगा, उसे साथ लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अच्छे काम के लिए कोई भी समर्थन कर सकता है। कल्याण लोकसभा सदस्य ने बताया कि अब तक मेयर, डिप्टी मेयर या किसी भी नगर समिति के अध्यक्ष पद को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, "इन फैसलों का अधिकार एकनाथ शिंदे और BJP के प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण के पास है। दोनों आज इस मुद्दे पर चर्चा के लिए मिल सकते हैं। सभी पदों से जुड़ी प्रक्रियाएं उसी बैठक में तय की जाएंगी।" उन्होंने कहा कि केडीएमसी में शिवसेना, BJP और मनसे मिलकर 'महायुति' के उम्मीदवार को महापौर बनाएंगे।

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जबकि पास की उल्हासनगर नगर निगम (UMC) में शिवसेना, भाजपा, वंचित बहुजन आघाडी, सेक्युलर एलायंस ऑफ इंडिया (SAI) और निर्दलीय मिलकर मेयर का चुनाव करेंगे। मुंबई में शिवसेना को मेयर पद मिलने के सवाल पर उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो कोई भी खुश होगा। BJP के नेतृत्व वाला 'महायुति' गठबंधन 29 में से 25 नगर निगमों में सत्ता में आया है।

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