UP Highway News: कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी, अब 3.5 घंटे का सफर 1.5 घंटे में होगा पूरा, लोगों को जाम से मिलेगी राहत

UP Highway News: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा फैसला लिया है। NH-34 के कानपुर-कबराई खंड पर ₹7,145.14 करोड़ की लागत से 4/6 लेन वाले नए 'एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे' के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

अपडेटेड Jul 27, 2026 पर 1:06 PM
कानपुर-कबरई ग्रीनफील्ड हाईवे को मंजूरी, अब 3.5 घंटे का सफर 1.5 घंटे में होगा पूरा

UP Highway News: उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर और अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को मजबूती देने के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक बड़ा फैसला लिया है। कैबिनेट ने राष्ट्रीय राजमार्ग-34 के कानपुर-कबराई खंड पर ₹7,145.14 करोड़ की लागत से 4/6 लेन वाले नए 'एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड हाईवे' के निर्माण को मंजूरी दे दी है।

यह निर्णय न केवल यूपी के औद्योगिक क्षेत्रों को बढ़ावा देगा, बल्कि बुंदेलखंड और मध्य प्रदेश के साथ व्यापारिक व आर्थिक रिश्तों को भी नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।

परियोजना की मुख्य बातें:

  • लागत और मॉडल: इस प्रोजेक्ट की कुल पूंजीगत लागत ₹7,145.14 करोड़ है और इसका निर्माण बीओटी (टोल) मोड पर किया जाएगा।
  • भविष्य के अनुकूल: यह शुरुआती तौर पर 4-लेन का एक्सेस-कंट्रोल्ड कॉरिडोर होगा, जिसे भविष्य में 6 लेन तक विस्तारित करने का प्रावधान रखा गया है।
  • सफर के समय में 58% की भारी कटौती: कानपुर और कबराई (महोबा) के बीच यात्रा का समय वर्तमान 3.5 घंटे से घटकर मात्र 1.5 घंटे रह जाएगा।
  • डिजाइन स्पीड: यह हाईवे 80 से 100 किमी/घंटे की परिचालन गति के लिए डिजाइन किया गया है।
  • भोपाल-कानपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर: यह नया हाईवे भोपाल-कानपुर आर्थिक गलियारे का एक अहम हिस्सा है। यह मध्य प्रदेश के सागर, भोपाल को यूपी के कानपुर से सीधे जोड़ेगा।


किन्हें मिलेगा सीधा लाभ?

  1. यूपी के जिले: कानपुर, हमीरपुर और आकांक्षी जिले महोबा को इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा लाभ मिलेगा।
  2. पीएम गति शक्ति से जुड़ाव: यह परियोजना पीएम गति शक्ति मिशन के तहत 4 आर्थिक केंद्रों और 10 लॉजिस्टिक्स केंद्रों को आपस में जोड़ेगी।
  3. औद्योगिक और कृषि गलियारा: यूपी के औद्योगिक/लॉजिस्टिक्स हब को मध्य प्रदेश के खनिज-समृद्ध और कृषि क्षेत्रों से जोड़कर व्यापार को सुगम बनाएगा।

रोजगार और सुरक्षा:

  • रोजगार सृजन: निर्माण के दौरान प्रति लेन प्रति किलोमीटर लगभग 11.18 प्रत्यक्ष और 11,985 अप्रत्यक्ष मानव-दिवस रोजगार पैदा होने का अनुमान है।
  • सड़क सुरक्षा और ईंधन बचत: सुचारू आवाजाही से वाहन परिचालन लागत कम होगी और यात्रा अधिक सुरक्षित एवं ईंधन-बचत वाली बनेगी।

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