Kanpur Lamborghini Crash: उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। लैंबॉर्गिनी से छह लोगों को कुचलने के मामले में तंबाकू कारोबारी के बेटे आरोपी शिवम मिश्रा को कानपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पहले मिश्रा के वकील ने दावा किया था कि घटना के समय उनका क्लाइंट कार नहीं चला रहा था। जबकि कानपुर पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज, चश्मदीदों के बयान एवं अन्य सबूतों से यह साफ हो गया है कि कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
लैंबॉर्गिनी एक इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार है जिसकी कीमत 10 करोड़ रुपये से ज्यादा है। इस कार ने 8 फरवरी को दोपहर करीब तीन बजे ग्वालटोली इलाके में वीआईपी रोड पर पैदल चलने वालों और गाड़ियों को टक्कर मार दी।
इस बीच, हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी टक्कर मामले की जांच में बुधवार को उस समय एक नया मोड़ आ गया, जब मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाले व्यक्ति ने मुआवजा मिलने के बाद इस सिलसिले में आगे कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं करने की इच्छा जाहिर की। एक अन्य घटनाक्रम में कार के कथित ड्राइवर मोहनलाल ने दावा किया कि जब कार ने पैदल चल रहे लोगों को टक्कर मारी, तो तंबाकू कारोबारी का बेटा शिवम मिश्रा नहीं बल्कि वह खुद गाड़ी चला रहा था।
शिवम के वकील धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि दुर्घटना के मामले में शिकायत दर्ज कराने वाले ई-रिक्शा चालक मोहम्मद तौफीक (18) ने कहा है कि उसका आरोपी पक्ष से समझौता हो गया है। अब वह इस मामले में चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। सिंह ने दावा किया कि दुर्घटना के समय मोहनलाल कार चला रहा था। उसने तौफीक के इलाज के खर्च और अन्य नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया है।
पुलिस के एक अधिकारी ने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर बताया कि तौफीक के पैर और हाथ में चोटें आई थीं। तौफीक को पहले उर्सुला हॉर्समैन मेमोरियल अस्पताल ले जाया गया था। बाद में आगे की मेडिकल जांच तथा एक्स-रे के लिए स्वरूप नगर के एक निजी नर्सिंग होम में ले जाया गया।
इसके बाद तौफीक को ग्वालटोली थाने में बुलाया गया, जहां ग्वालटोली के तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष कुमार गौड़ की मौजूदगी में उसके और कथित कार चालक मोहनलाल के बीच एक लिखित समझौते पर दस्तखत हुए। इस दौरान तौफीक को कथित रूप से मुआवजे के तौर पर 20 हजार रुपये दिए गए।
समझौता दस्तावेज में कहा गया है कि यह समझौता बिना किसी दबाव के अपनी मर्जी से किया गया है। शिकायतकर्ता लैंबॉर्गिनी टक्कर मामले में उसके चालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करना चाहता। हालांकि, एक और वरिष्ठ अधिकारी ने आरोप लगाया कि इस हाई-प्रोफाइल मामले के तुरंत बाद मामले को जल्दी खत्म करने के लिए उच्च अधिकारियों के काफी दबाव में यह समझौता हुआ है।