Kanpur Lamborghini Crash: उत्तर प्रदेश के कानपुर में लैंबॉर्गिनी से छह लोगों को कुचलने के मामले में आरोपी शिवम मिश्रा के वकील ने दावा किया है कि घटना के समय उनका क्लाइंट कार नहीं चला रहा था। जबकि कानपुर पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज, चश्मदीदों के बयान एवं अन्य सबूतों से यह साफ हो गया है कि गाड़ी मिश्रा ही चला रहा था। मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने कहा कि लैंबॉर्गि मिश्रा के परिवार का ड्राइवर मोहन चला रहा था, न कि शिवम।
इस बीच, कानपुर में हुए हाई-प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी क्रैश के सिलसिले में नए CCTV वीडियो सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि इन CCTV फुटेज की जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लग्जरी कार पैदल चलने वालों को टक्कर मारने से ठीक पहले कौन चला रहा था। अधिकारी आस-पास की दुकानों, ट्रैफिक चौराहों और घरों में लगे कई कैमरों से फुटेज की जांच कर रहे हैं, ताकि एक्सीडेंट के समय गाड़ी की स्पीड का पता लगाया जा सके।
CCTV वीडियो में लैंबॉर्गिनी कार से हादसा होते हुए नहीं दिख रहा है। वीडियो में उसके बाउंसर्स हादसे के बाद कार से उतरते हुए नजर आ रहे हैं। इस हादसे में कार ने एक बुलेट को पीछे से तेज टक्कर मार दी। बाइक पर तीन लोग सवार थे जो घायल हो गए। एक दूसरे वीडियो में साफ दिख रहा है कि हादसे के तुरंत बाद लग्जरी कार के आगे चल रही एक दूसरी गाड़ी से करीब 4-5 बाउंसर उतरते हैं।
पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके के वीडियो का भी हवाला दिया, जिसमें टक्कर के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोग और बचावकर्मी को एक व्यक्ति को चालक की सीट से बाहर खींचते देखा जा सकता है। बताया जा रहा है कि वह शिवम मिश्रा ही है। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) अतुल कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि मौके के सीसीटीवी फुटेज से भी पहचान की हुई कि कार से बाहर निकाला गया व्यक्ति शिवम मिश्रा ही था। उन्होंने कहा कि वकील की दलीलों से जांच पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
यह दुर्घटना रविवार (8 फरवरी) को दोपहर करीब 3.15 बजे कानपुर के पॉश ग्वालटोली इलाके में 'VIP रोड' पर हुई। 10 करोड़ रुपये से अधिक कीमत वाली कार लैंबॉर्गिनी ने गाड़ियों को टक्कर मारते हुए कई लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में कम से कम छह लोग घायल हो गए थे। वकील मृत्युंजय कुमार ने कहा, "कार परिवार का चालक चला रहा था, न कि शिवम मिश्रा। हम अदालत के समक्ष तथ्य और साक्ष्य पेश करेंगे"
उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि इस मामले को उनके मुवक्किल के खिलाफ सीधे आपराधिक कृत्य के बजाय एक दुर्घटना के रूप में देखा जाए। हालांकि, कानपुर पुलिस ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि अब तक की जांच में यह पुष्टि हो चुकी है कि हादसे के समय कार शिवम मिश्रा ही चला रहा था।
शिवम मिश्रा के गाड़ी चलाने की पुष्टि
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने पीटीआई को बताया कि उपलब्ध सबूत और चश्मदीदों के बयान मिश्रा के गाड़ी चलाने की पुष्टि करते हैं। उन्होंने कहा, "कभी-कभी FIR में शुरुआत में गलत या अधूरी जानकारी हो सकती है। जांच के दौरान सबूतों, सीसीटीवी फुटेज और चश्मदीदों के बयानों से शिवम मिश्रा की संलिप्तता की पुष्टि हुई है।"
एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस टीम नोटिस देने के लिए आर्य नगर स्थित मिश्रा के घर भी गई थीं। लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका। FIR में शुरुआत में लैंबॉर्गिनी कार के अज्ञात चालक का उल्लेख था। लेकिन बाद में इसमें शिवम मिश्रा का नाम आरोपी के तौर पर दर्ज किया गया। कार को फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में संबंधित थाना प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया है।