Kanpur Lamborghini Accident Case: उत्तर प्रदेश के कानपुर में हुए हाई प्रोफाइल लैंबॉर्गिनी एक्सीडेंट मामले में नया मोड़ आ गया है। कारोबारी के बेटे शिवम मिश्रा के वकील मृत्युंजय कुमार ने सोमवार (9 फरवरी) को दावा किया कि एक्सीडेंट के समय उनका क्लाइंट लैंबॉर्गिनी नहीं चला रहा था। उन्होंने कहा कि कार शिवम का ड्राइवर मोहन चला रहा था। वकील ने इस घटना को एक एक्सीडेंट का मामला बताया। वकील ने कहा कि शिवम की तबीयत खराब रहती है।
लैंबॉर्गिनी केस पर बचाव पक्ष के वकील मृत्युंजय ने कहा, "कल (10 फरवरी) सुनवाई होगी। शिवम गाड़ी नहीं चला रहा था। उसका ड्राइवर मोहन चला रहा था। यह एक एक्सीडेंट का मामला है। जब वह गाड़ी नहीं चला रहा था, तो उसके खिलाफ कोई केस नहीं बन सकता।" इस बीच, एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें बाउंसर शिवम को ड्राइविंग सीट से उठाकर ले जा रहे हैं।
एक्सीडेंट के 24 घंटे बाद सामने आए फुटेज में एक बाउंसर शिवम मिश्रा को लेम्बोर्गिनी रेवुएल्टो की ड्राइवर सीट से खींचता हुआ दिख रहा है। बैकग्राउंड में स्थानीय लोगों को लोगों से वीडियो रिकॉर्ड करने की अपील करते हुए सुना जा सकता है।
किसी की भी गिरफ्तारी नहीं
इस मामले में अबतक किसी की गिरफ्तारी नहीं की गई है। अधिकारियों के मुताबिक प्रकरण में लापरवाही बतरने के आरोप में ग्वालटोली थाना के थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर कर दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में अज्ञात चालक के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि बंशीधर एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा भी जांच के दायरे में है।
अधिकारियों ने बताया कि रविवार को ग्वालटोली इलाके में वीआईपी मार्ग पर दोपहर करीब सवा तीन बजे करीब 10 करोड़ रुपये कीमत की इतालवी लग्जरी स्पोर्ट्स कार लैंबॉर्गिनी ने कई वाहनों को टक्कर मार दी थी। कार ने कई लोगों को कुचल दिया था। इस घटना में कम से कम छह लोग जख्मी हो गए थे।
उन्होंने बताया कि कार में मौजूद तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे की मेडिकल जांच कराई जाएगी। शिवम पर आरोप है कि वह हादसे के समय लैंबॉर्गिनी चला रहा था। अटकलें लगाई जा रही थीं कि घटना के वक्त शिवम नशे में था। लेकिन परिवार का दावा है कि उसे मिर्गी के दौरे पड़ते हैं।
अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं
रविवार दोपहर दिनदहाड़े हुई इस घटना को लेकर अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। अधिकारियों ने बताया कि एक 'अज्ञात' चालक के खिलाफFIR दर्ज की गई है। संबंधित थानाध्यक्ष संतोष गौर को इस मामले में लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।
दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि कार ने पहले एक ऑटोरिक्शा को टक्कर मारी और फिर एक खड़ी मोटरसाइकिल से टकरा गई जिससे उस पर सवार व्यक्ति हवा में करीब 10 फुट तक उछल गया। कार मोटरसाइकिल के अगले पहिये पर चढ़ गई। कुछ दूर तक उसे घसीटती रही। उसके बाद एक बिजली के खंभे से टकराकर रुक गई।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक दिल्ली की नंबर प्लेट वाली काली लैंबॉर्गिनी डीएल 11 सीएफ 4018 को ज़ब्त कर लिया गया है। चश्मदीदों ने बताया कि हादसे के बाद स्थानीय लोग मौके पर एकत्र हो गए और कार को घेर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि कार सवार के साथ आए निजी बाउंसरों ने भीड़ को पीछे धकेलने की कोशिश की जिससे तनाव बढ़ गया।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस मौके पर पहुंची और कार में मौजूद शिवम मिश्रा को बचाया। उसके बाद उसे और घायलों को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। थाने में पीड़ितों और स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि आरोपी के साथ मौजूद निजी बाउंसर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि मिश्रा के परिवार के रसूख के कारण पुलिस उसके साथ नरमी बरत रही है।