पंडित नेहरू थे जिनके उस्ताद उन करण सिंह ने PM मोदी के रिकॉर्ड ब्रेकिंग लीडरशिप के बारे में क्या लिखा?

Karan Singh On PM Modi: करण सिंह ने लिखा कि आज के दौर में जब देश की आबादी 1.46 अरब और मतदाताओं की संख्या 83 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी है, ऐसे समय में किसी नेता द्वारा अपनी पार्टी को लगातार तीन बार संसदीय चुनाव में जीत दिलाना अपने आप में एक 'असाधारण राजनीतिक उपलब्धि' है

अपडेटेड Jun 10, 2026 पर 12:04 PM
पंडित नेहरू को अपना 'मेंटर' मानने वाले करण सिंह ने पीएम मोदी की इस उपलब्धि की जमकर तारीफ की है

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 4399 दिनों तक पद पर बने रहने का एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। इसके साथ ही वे भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ चुके हैं। इस ऐतिहासिक और रिकॉर्ड ब्रेकिंग पड़ाव पर दिग्गज नेता डॉ करण सिंह ने पीएम मोदी के इस सफर और उनकी लीडरशिप पर अपने विचार साझा किए हैं।

एएनआई ने बिजनेस स्टैंडर्ड में लिखे करण सिंह के लेख के हवाले से बताया कि, पंडित नेहरू को अपना 'मेंटर' मानने वाले करण सिंह ने पीएम मोदी की इस सियासी और लोकतांत्रिक उपलब्धि की जमकर तारीफ की है। आइए जानते हैं कि नेहरू युग के गवाह रहे करण सिंह ने पीएम मोदी के 12 साल के इस सफल सफर के बारे में क्या लिखा है।

पंडित नेहरू को उस्ताद मानने वाले करण सिंह ने क्या कहा?


करण सिंह ने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की कैबिनेट में 10 साल तक काम किया है और देश के कई उतार-चढ़ाव देखे हैं। उन्होंने याद किया कि भारत के पहले पीएम पंडित जवाहरलाल नेहरू उनके मेंटर थे, जिन्होंने उपनिवेशवाद, गरीबी और विभाजन के दर्द से जूझते देश को एक लोकतांत्रिक गणराज्य में बदला था।

इसी विशाल आधुनिक लोकतंत्र का हवाला देते हुए करण सिंह ने लिखा कि आज के दौर में जब देश की आबादी 1.46 अरब और मतदाताओं की संख्या 83 करोड़ से ऊपर पहुंच चुकी है, ऐसे समय में किसी नेता द्वारा अपनी पार्टी को लगातार तीन बार संसदीय चुनाव में जीत दिलाना अपने आप में एक 'असाधारण राजनीतिक उपलब्धि' है। पूर्व उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने भी इस बात का समर्थन करते हुए कहा कि आज के कड़े राजनीतिक मुकाबले, गठबंधन के दौर और 24 घंटे की मीडिया स्क्रूटनी के युग में लगातार इतनी लंबी लीडरशिप बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण है।

कल्याणकारी योजनाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर की तारीफ

करण सिंह ने पीएम मोदी के नेतृत्व में देश के आम नागरिकों के जीवन पर पड़े पॉजिटिव प्रभावों की खुलकर चर्चा की है। उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी के कार्यकाल में चलायी गयीं सोशल वेलफेयर योजनाएं जैसे- ग्रामीण विद्युतीकरण, गरीबों के लिए आवास कार्यक्रम, सौर ऊर्जा की पहल और करोड़ों नागरिकों को लाभ पहुंचाने वाले खाद्य सुरक्षा उपायों ने आम भारतीयों के जीवन को बड़े पैमाने पर बदला है।

इसके साथ ही उन्होंने देश में बुनियादी ढांचे के विकास को आर्थिक तरक्की की नींव बताया। करण सिंह के मुताबिक, मोदी सरकार के तहत नेशनल हाईवे का तेजी से विस्तार, नए एयरपोर्ट्स का निर्माण, रेलवे का आधुनिकीकरण, डिजिटल कनेक्टिविटी और पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास भविष्य के मजबूत भारत की नींव रख रहा है। शिक्षा और स्वास्थ्य के मोर्चे पर भी उन्होंने माना कि मोदी सरकार के दौरान देश में आईआईटी, एम्स और आईआईएम की संख्या में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।

वैश्विक संकटों के बीच आर्थिक मजबूती और कूटनीति

करण सिंह ने वैश्विक पटल पर भारत की बढ़ती ताकत का लोहा मानते हुए लिखा कि कोविड-19 महामारी, वैश्विक महंगाई के दबाव, भू-राजनीतिक संघर्षों और सप्लाई-चेन की दिक्कतों के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शुमार रहा है।

अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा कि पीएम मोदी के व्यापक अंतरराष्ट्रीय दौरों और कूटनीतिक सक्रियता ने न केवल दुनिया की महाशक्तियों के साथ भारत के रिश्ते मजबूत किए हैं, बल्कि विकासशील देशों के साथ भी संबंध प्रगाढ़ हुए हैं। आज ग्लोबल साउथ के नेतृत्वकर्ता के रूप में भारत का जो राजनयिक प्रोफाइल और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कद बढ़ा है, उसने दुनिया में भारत की साख को काफी ऊंचा किया है।

विवादास्पद फैसलों और अयोध्या राम मंदिर पर बेबाक राय

एक निष्पक्ष विश्लेषक की तरह करण सिंह ने यह भी लिखा कि पीएम मोदी के कुछ फैसले निश्चित रूप से विवादास्पद रहे हैं, जिनमें नोटबंदी और आर्टिकल 370 को हटाना शामिल है। उनका मानना है कि एक जीवंत लोकतंत्र में इतने बड़े नीतिगत फैसलों पर दोनों पक्षों की तरफ से मजबूत और अलग-अलग राय होना स्वाभाविक है।

इसके अलावा, उन्होंने अयोध्या में श्री राम लल्ला मंदिर के निर्माण पर बेहद खास बात कही। करण सिंह ने लिखा कि हालांकि हमारे संविधान की प्रस्तावना में 'धर्मनिरपेक्षता' शब्द शामिल है, लेकिन दुर्भाग्य से समय के साथ इसने एक एंटी-हिंदू मानसिकता अख्तियार कर ली थी। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होना, देश के करोड़ों हिंदुओं के लिए एक बहुत पुराने सभ्यतागत और सांस्कृतिक मुद्दे का सुखद समाधान है।

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