कर्नाटक कांग्रेस के भीतर चल रहा 'लीडरशिप गेम' गुरुवार को एक और नए लेवल में पहुंच गया। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उप-मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों ही नेता टॉप पॉजिशन पाने के लिए अपने-अपने दांव खेल रहे हैं। इसे देखते हुए पार्टी हाईकमान ने भी वरिष्ठ नेताओं की एक बैठक बुलाई है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने चल रहे सत्ता संघर्ष को सुलझाने के लिए वरिष्ठ नेताओं की बैठक बुलाई है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सबसे मिलजुल कर परामर्श लिए बिना कोई फैसला नहीं लिया जाएगा।
ऐसे में CM सिद्धारमैया भी अपनी पूरी तैयारी कर के बैठे हैं। NDTV ने सूत्रों के हवाले से बताया किसिद्धारमैया का खेमा दिल्ली पहुंचकर अपने आदमी को शीर्ष पद पर बनाए रखने के लिए पार्टी पर दबाव बनाने को लेकर सतर्क है। सिद्धारमैया ने इस हफ्ते ये बात मानी कि कर्नाटक सरकार में CM पद को लेकर 'भ्रम' पैदा रहा है और उन्होंने पार्टी से इस पर तस्वीर साफ करने को भी कहा था। फिलहाल वह 'वेट एंड वॉच' स्थिकि में हैं।
ये है सिद्धारमैया का प्लान
सूत्रों ने बताया कि अगर जरा सा भी ऐसे कोई संकेत मिला कि पार्टी प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी और राहुल गांधी डिप्टी CM डीके शिवकुमार को प्रमोट करने वाले हैं, तब सिद्धारमैया के समर्थक कार्रवाई करेंगे।
सूत्रों ने कहा कि अगर पार्टी तब भी नए मुख्यमंत्री पर जोर देती है, तो उन्हें दूसरे नामों की एक लिस्ट दी जाएगी। ये बताता है कि सिद्धारमैया और शिवकुमार के बीच कितनी गहरी दरार है, जो कांग्रेस की 2023 की बड़ी चुनावी जीत के बाद से शीर्ष पद को लेकर झगड़ रहे हैं।
एक विकल्प सिद्धारमैया समर्थक और प्रभावशाली दलित नेता गृह मंत्री जी परमेश्वर भी हो सकते हैं, जिन्होंने यह टिप्पणी करके लोगों को चौंका दिया था- "मैं हमेशा से (मुख्यमंत्री बनने की) दौड़ में रहा हूं।"
इस रणनीति को बुधवार को PWD मंत्री सतीश जारकीहोली की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतिम रूप दिया गया, जो सिद्धारमैया के वफादार भी हैं। उन्होंने एनडीटीवी से कहा कि पार्टी के दिल्ली नेताओं को इस मुद्दे को सुलझाने की जरूरत है।
जारकीहोली ने DKS से भी मुलाकात की है, लेकिन किसी भी पक्ष ने बैठक का ब्यौरा नहीं दिया है।
दिल्ली में कांग्रेस आलाकमान की बैठक
उधर दिल्ली में मल्लिकार्जुन ने खड़गे ने कहा, "अंतिम निर्णय लेने से पहले राहुल गांधी, मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार चर्चा में शामिल होंगे।"
उन्होंने न्यूज एजेंसी ANI से कहा, "मैं सभी को चर्चा के लिए बुला रहा हूं और राहुल गांधी भी उस बैठक में मौजूद रहेंगे। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी वहां मौजूद रहेंगे। सभी से चर्चा के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।" केंद्रीय नेतृत्व की भूमिका स्पष्ट करते हुए उन्होंने कहा, "'हाईकमान' का मतलब टीम है- हाईकमान की टीम एक साथ बैठकर अंतिम निर्णय लेगी।"
कांग्रेस की 2023 चुनाव जीत के बाद सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार (DK Shivakumar) के बीच झगड़ा शुरू हो गया। पार्टी ने सिद्धारमैया को नया मुख्यमंत्री बनाया, लेकिन डीके शिवकुमार को लगता था कि जीत दिलाने वाले उन्हें यह पद मिलना चाहिए था।
उन्हें इसके बजाय डिप्टी सीएम बनाया गया और राज्य कांग्रेस प्रमुख भी रहने दिया गया। पार्टी का 'एक आदमी, एक पद' नियम तोड़ा गया। तब 'समझौते' की बात भी हुई- डीके शिवकुमार ने कहा था कि "हम पांच-छह लोगों के बीच गुप्त डील हुई है", जिसमें सिद्धारमैया पांच साल के बीच में यानी ढाई साल बाद पद छोड़ देंगे।
पिछले हफ्ते ही वो बीच का समय बीत गया और सिद्धारमैय का ढाई साल पूरे हो गए। उसके बाद से डीके शिवकुमार समर्थक विधायक पार्टी पर दबाव बना रहे हैं कि अब CM बदला जाए। डीके शिवकुमार खुद खुलेआम कह रहे हैं कि वे यह पद चाहते हैं। उन्होंने पिछले हफ्ते कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख पद छोड़ने का संकेत भी दिया।