रान्या राव के पिता IPS रामचंद्र राव का महिला संग वायरल हुआ वीडियो, आपत्तिजनक हालत में हालत में आए नजर

यह वीडियो कथित तौर पर कर्नाटक पुलिस के DGP कार्यालय के अंदर छिपकर रिकॉर्ड किया गया लगता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि वीडियो में अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग कपड़ों में आई महिलाएं नजर आती हैं, जिनके साथ राव अपने सरकारी काम के दौरान निजी तौर पर बातचीत करते दिख रहे हैं

अपडेटेड Jan 19, 2026 पर 6:58 PM
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कर्नाटक में एक कथित वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है।

कर्नाटक में एक कथित वीडियो सामने आने के बाद बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस वीडियो में DGP रैंक के IPS अधिकारी और सोने की तस्करी के आरोपी रान्या राव के पिता डॉ. रामचंद्र राव अपने ऑफिशियल चैंबर में आपत्तिजनक स्थिति में दिखाई दे रहे हैं। हालांकि डॉ. रामचंद्र राव ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। उन्होंने इस वीडियो को “झूठा और मनगढ़ंत” बताया और कहा, “यह एक मॉर्फ्ड वीडियो है। मुझे जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।”

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा वीडियो

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि इसमें राव को ऑफिस समय के दौरान वर्दी में अलग-अलग महिलाओं के साथ करीब से बातचीत करते, उन्हें गले लगाते और चूमते हुए दिखाया गया है। सूत्रों के मुताबिक, यह वीडियो कथित तौर पर कर्नाटक पुलिस के DGP कार्यालय के अंदर छिपकर रिकॉर्ड किया गया लगता है। सूत्रों का यह भी कहना है कि वीडियो में अलग-अलग मौकों पर अलग-अलग कपड़ों में आई महिलाएं नजर आती हैं, जिनके साथ राव अपने सरकारी काम के दौरान निजी तौर पर बातचीत करते दिख रहे हैं।


इस मामले के सामने आने के बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। हालांकि इस मामले में जबरदस्ती या दबाव का कोई आरोप सामने नहीं आया है, लेकिन ड्यूटी के समय सरकारी दफ्तर के अंदर ऐसी कथित हरकतों को लेकर कड़ी आलोचना हो रही है।

मुख्यमंत्री तक पहुंचा मामला

यह विवाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया तक पहुंच गया है। वीडियो सामने आने और उसके वायरल होने के बाद मुख्यमंत्री ने संबंधित विभाग से पूरी जानकारी मांगी है। सूत्रों के मुताबिक, फुटेज देखने के बाद मुख्यमंत्री नाराज़ बताए जा रहे हैं और उन्होंने सवाल उठाया है कि पुलिस विभाग के भीतर इस तरह की घटना कैसे हो सकती है। इस मामले ने राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर इस बात पर नजर रखी जा रही है कि आगे इस पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या फिर औपचारिक जांच के आदेश दिए जाते हैं।

अधिकारी ने वीडियो को बताया फेक

डॉ. रामचंद्र राव ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा है कि जो वीडियो सामने आया है, वह पूरी तरह मनगढ़ंत और मॉर्फ्ड है। इंडिया टुडे से बात करते हुए वरिष्ठ अधिकारी ने दावा किया कि उन्हें जानबूझकर बदनाम किया जा रहा है। राव ने कहा, “यह मामला करीब आठ साल पुराना बताया जा रहा है, जब मैं बेलगावी में था। हमने इस बारे में अपने वकील से बात कर ली है और कानूनी कार्रवाई कर रहे हैं। यह सब हमारे लिए चौंकाने वाला है। वीडियो पूरी तरह झूठा और बनाया हुआ है। सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। बिना जांच के किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा जा सकता।” इस पूरे विवाद के बीच राव ने मामले पर चर्चा करने के लिए गृह मंत्री से भी मुलाकात की है।

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