Kedarnath Chopper Accident: केदारनाथ से लौटते समय 15 जून की सुबह एक चॉपर के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने चार धाम यात्रा मार्ग पर हेलिकॉप्टर सेवाओं को दो दिनों के लिए निलंबित कर दिया है और इस दुर्घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। बता दें कि रविवार सुबह गुप्तकाशी के पास हुए इस हादसे में आर्यन एविएशन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित चॉपर में सवार पायलट समेत सात लोगों की मौत हो गई थी।
आपको बता दें कि हाल के दिनों में चार धाम यात्रा मार्ग पर हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं या आपातकालीन लैंडिंग तेजी से बढ़ी हैं। 15 जून को गुप्तकाशी के पास हुआ हादसा 30 अप्रैल को यात्रा शुरू होने के बाद से इस मार्ग पर पांचवीं हेलिकॉप्टर दुर्घटना थी।
CM धामी ने बुलाई आपात बैठक
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक आपात बैठक की अध्यक्षता की। बैठक के बाद उन्होंने घोषणा की कि चार धाम मार्ग पर हेली सेवाएं दो दिनों के लिए निलंबित रहेंगी, क्योंकि मौसम खराब है और यात्रियों की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।मुख्यमंत्री ने दुर्घटना की उच्च-स्तरीय जांच के आदेश भी दिए।
CM ने कहा, 'लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान की जानी चाहिए, चाहे वे किसी भी स्तर पर हों, और उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'आम लोगों के जीवन की रक्षा राज्य सरकार की प्राथमिकता है। किसी भी कीमत पर जीवन के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।'
सीएम धामी ने संबंधित अधिकारियों को राज्य में हेली संचालन के लिए एक सख्त स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) जारी करने, एक नियंत्रण और कमांड सेंटर स्थापित करने और दुर्घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया। धामी ने कहा, 'हेलिकॉप्टर सेवाओं के बेहतर समन्वय और सुरक्षित संचालन के लिए देहरादून में एक सामान्य कमांड और समन्वय केंद्र स्थापित किया जाएगा।' उन्होंने बताया कि नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA), राज्य आपदा प्रबंधन विभाग, उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) और राज्य में हेली सेवाओं का संचालन करने वाली कंपनियों के अधिकारी इस केंद्र का हिस्सा होंगे।
DGCA के मानदंडों का पालन अनिवार्य
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से निर्देश दिया, 'राज्य में हेलिकॉप्टर संचालन के संबंध में डीजीसीए मानदंडों के अनुपालन में कोई ढिलाई नहीं होनी चाहिए। यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऊपरी हिमालयी क्षेत्र में उड़ान भरने वाले पायलट अनुभवी हों।' मुख्य सचिव आनंद बर्धन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन सचिव सचिन कुर्वे, आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन, और यूसीएडीए, डीजीसीए और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) के अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस बैठक में भाग लिया।
खराब मौसम की वजह से लगातार हो रहे हादसे
CM धामी ने दुर्घटना का कारण खराब मौसम को बताते हुए कहा कि सोमवार तक हेली संचालन पूरी तरह से निलंबित रहेगा। उन्होंने कहा, 'मौसम खराब है, और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। आज और कल कोई हेली सेवा नहीं होगी। विमानन कंपनियों, डीजीसीए और यूसीएडीए से हेली संचालन फिर से शुरू करने से पहले स्थिति की पूरी तरह से समीक्षा करने को कहा गया है।'
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को हिमालयी क्षेत्र में अधिक अत्याधुनिक मौसम पूर्वानुमान उपकरण स्थापित करने का भी निर्देश दिया, ताकि सटीक मौसम जानकारी प्राप्त की जा सके। धामी ने रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन को भी निर्देश दिया कि वे दुर्घटना में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों से संपर्क करें और उनके शवों को उनके संबंधित स्थानों पर भेजने की उचित व्यवस्था करें।