केरल में कांटे की टक्कर! ओपिनियन पोल में LDF और UDF के बीच 'करीबी मुकाबला', किसके हाथ लगेगी सत्ता की चाबी?

Kerala Opinion Poll: LDF सरकार के कामकाज को लेकर सर्वे में जनता की नाराजगी भी सामने आई है। लगभग 40% लोगों ने सरकार के प्रदर्शन को 'बहुत अच्छा' या 'अच्छा' बताया। वहीं 43% लोगों ने इसे 'खराब' या 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा, जो सत्ता विरोधी लहर का संकेत हो सकता है

अपडेटेड Apr 07, 2026 पर 7:20 AM
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दोनों गठबंधनों के बीच जीत का अंतर इतना कम है कि ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है

Kerala Opinion Poll: केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए बिगुल बज चुका है और ताजा ओपिनियन पोल के नतीजों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है। CNN-News18 पर 6 अप्रैल को जारी VoteVibe के 'वोट ट्रैकर' ओपिनियन पोल के अनुसार, राज्य में सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोंक्रेटिक फ्रंट(LDF) और विपक्षी यूनाइटेड डेमोंक्रेटिक फ्रंट(UDF) के बीच जबरदस्त 'नेक-टू-नेक' मुकाबला होने वाला है।

9 अप्रैल को होने वाले मतदान से ठीक पहले आए इस सर्वे में दोनों गठबंधनों के बीच जीत का अंतर इतना कम है कि ऊंट किसी भी करवट बैठ सकता है।

बहुमत के आंकड़े पर फंसा पेंच


केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए 71 सीटों की आवश्यकता है। ओपिनियन पोल के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:

UDF (कांग्रेस गठबंधन): 64 से 74 सीटें मिलने का अनुमान।

LDF (वामपंथी गठबंधन): 63 से 73 सीटें मिलने की संभावना।

NDA (भाजपा गठबंधन): 1 से 5 सीटें मिलने का अनुमान।

सर्वे में UDF को केवल 1 सीट की मामूली बढ़त दिखाई गई है, जो यह संकेत दे रहा है कि मुकाबला कितना कड़ा है। वोट शेयर के मामले में भी दोनों के बीच केवल 1% का अंतर है। UDF को जहां 39.7% तो वहीं LDF को 38.7% वोट मिल रहा है।

कौन हैं CM पद की पसंद?

मुख्यमंत्री पद की पसंद को लेकर जनता की राय बंटी हुई नजर आ रही है:

पिनाराई विजयन (LDF): 31.3% लोग चाहते हैं कि वे मुख्यमंत्री बने रहें।

वी.डी. सतीशन (UDF): 29.5% लोगों की पसंद बनकर वे विजयन को कड़ी टक्कर दे रहे हैं।

कैसा है सरकार का रिपोर्ट कार्ड?

वर्तमान एलडीएफ सरकार के कामकाज को लेकर सर्वे में जनता की नाराजगी भी सामने आई है। लगभग 40% लोगों ने सरकार के प्रदर्शन को 'बहुत अच्छा' या 'अच्छा' बताया। वहीं 43% लोगों ने इसे 'खराब' या 'बहुत खराब' श्रेणी में रखा, जो सत्ता विरोधी लहर का संकेत हो सकता है।

चुनाव के 5 बड़े मुद्दे

केरल के मतदाताओं के लिए इस बार ये मुद्दे सबसे महत्वपूर्ण हैं:

महंगाई (17%): यह सबसे बड़ा चुनावी मुद्दा बनकर उभरा है।

बेरोजगारी (16.2%): युवाओं (18-34 वर्ष) के लिए यह सबसे बड़ी चिंता है।

भ्रष्टाचार (12.9%): जनता में भ्रष्टाचार को लेकर भी गुस्सा है।

नशाखोरी (11.2%): शराब और नशीली दवाओं के दुरुपयोग का मुद्दा भी हावी है।

कानून व्यवस्था (9.2%): सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर भी लोग चिंतित हैं।

इसके अलावा, लगभग 49.3% लोगों का मानना है कि पिछले चुनावों के मुकाबले राज्य में धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ा है।

कांग्रेस की रणनीति पर उठे सवाल

सर्वे में कांग्रेस (UDF) की लीडरशिप स्ट्रेटेजी पर भी सवाल उठाए गए हैं। 36.2% लोगों का मानना है कि मुख्यमंत्री पद के लिए कई चेहरों का होना पार्टी की संभावनाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जबकि केवल 24.5% इसे फायदेमंद मानते हैं।

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