महाराष्ट्र के पुणे के लोहागढ़ किले में केतन अग्रवाल की मौत के मामले में मंगलवार (23 जून) को सनसनीखेज खुलासा हुआ। पुणे के पास स्थित ऐतिहासिक लोहागढ़ किले में ट्रेकिंग के दौरान हुई एक युवक की मौत को पहले हादसा माना जा रहा था, लेकिन पुलिस जांच में यह मामला हत्या की साजिश निकला। पुणे ग्रामीण पुलिस ने 20 वर्षीय सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी 22 वर्षीय चेतन चौधरी को गिरफ्तार किया है। दोनों पर सिया के मंगेतर केतन अग्रवाल की हत्या की योजना बनाने का आरोप है। 26 वर्षीय केतन अग्रवाल एक रियल एस्टेट कंपनी में निदेशक थे। 18 जून को ट्रेकिंग के दौरान वह करीब 400 फीट गहरी खाई में गिर गए थे।
इस घटना के बाद सिया ने पुलिस को बताया था कि तेज हवा और फोटो खींचते समय बैलेंस बिगड़ने की वजह से केतन खाई में गिर गए। हालांकि, जांच आगे बढ़ने पर कहानी पूरी तरह बदल गई। पुलिस की तकनीकी जांच, मोबाइल रिकॉर्ड और पूछताछ में पता चला कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि पहले से रची गई साजिश थी। जांच में सामने आया कि सिया और चेतन के बीच प्रेम संबंध थे और दोनों केतन को रास्ते से हटाना चाहते थे। पुलिस को यह भी पता चला कि केतन की हत्या की कई बार कोशिश की गई थी, लेकिन उन्हें इसकी भनक तक नहीं लगी थी।
शादी से पहले रची गई साजिश
पुलिस जांच के अनुसार, इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह तय की गई शादी का विरोध था। केतन अग्रवाल एक बड़े कारोबारी परिवार से जुड़े थे और उनकी शादी नवंबर में सिया गोयल से होने वाली थी। दोनों परिवारों ने शादी की तैयारियां भी शुरू कर दी थीं। यहां तक कि राजस्थान के उदयपुर में एक ऐतिहासिक महल भी समारोह के लिए बुक किया जा चुका था। लेकिन इसी बीच सिया का लंबे समय से चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध होने की बात सामने आई। बताया जा रहा है कि चेतन का परिवार भी सिया के परिवार की तरह ड्राइ फ्रुट्स के कारोबार से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, सिया और चेतन अपने रिश्ते को आगे बढ़ाना चाहते थे, लेकिन केतन उनकी राह में सबसे बड़ी बाधा थे। वहीं, परिवार की ओर से तय शादी को लेकर भी सिया पर काफी दबाव था। जांच में सामने आया है कि इसी वजह से सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि दोनों ने हत्या को एक सामान्य दुर्घटना दिखाने के लिए ट्रेकिंग के दौरान हुई घटना का सहारा लिया, ताकि यह मामला एक हादसा लगे और किसी को उन पर शक न हो।
पहले भी की गई थीं हत्या की कोशिशें
सूत्रों के अनुसार, 18 जून को केतन अग्रवाल को खाई में धक्का देने की घटना कोई अचानक लिया गया फैसला नहीं था, बल्कि इसके पीछे कई हफ्तों से चल रही साजिश थी। जून की शुरुआत में केतन और सिया का प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने था। आरोप है कि इस यात्रा को रुकवाने के लिए सिया ने चुपके से केतन का पासपोर्ट गायब कर दिया और एयरपोर्ट जाते समय रास्ते में एक होटल में फेंक दिया। पासपोर्ट नहीं मिलने के कारण दोनों को फॉरेंन ट्रिप कैंसिल कर पुणे लौटना पड़ा।
फॉरेन ट्रिप कैंसिल होने के बाद सिया ने केतन को आसपास की जगहों पर घूमने के लिए मनाया और प्री-वेडिंग आउटिंग के बहाने उसे लोहागढ़ किले की सुनसान चट्टानों तक ले जाने लगी। पुलिस जांच में पता चला है कि घटना से पहले भी वह कई बार केतन को किले पर लेकर गई थी। जांच के मुताबिक, 31 मई को पहली बार केतन को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की गई थी, लेकिन योजना सफल नहीं हो सकी। इसके बाद 14 जून को सिया और चेतन ने कथित तौर पर एक और साजिश रची। आरोप है कि दोनों ने सांप दिखाई देने का नाटक कर केतन को डराने और उसे चट्टान से गिराने की कोशिश की, लेकिन यह प्रयास भी नाकाम रहा। जब दोनों कोशिशें सफल नहीं हुईं, तो सिया ने 18 जून को अपने आने वाले जन्मदिन का जश्न मनाने के बहाने एक और ट्रिप की योजना बनाई। इसी यात्रा के दौरान केतन की मौत हुई।
हादसों के पीछे छिपी थी साजिश
जांच में सामने आया है कि पहले की गई कोशिशों को सामान्य हादसों जैसा दिखाने की कोशिश की गई थी। कभी जंगली जानवर के अचानक सामने आने का माहौल बनाया गया, तो कभी फिसलन और तेज हवा वाली जगहों का सहारा लिया गया। इसी वजह से केतन ने इन घटनाओं को ट्रेकिंग के दौरान होने वाले सामान्य जोखिम के रूप में देखा। उसे लगा कि ये सिर्फ हादसा है, न कि कोई सोची-समझी योजना। केतन को इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि जिस लड़की के साथ वह अपना भविष्य बनाने की तैयारी कर रहा था, उसी पर उसके खिलाफ साजिश रचने का आरोप लगेगा। पुलिस के अनुसार, सुनसान और कम भीड़भाड़ वाले इलाके का फायदा उठाकर घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की गई, जिससे किसी को शक न हो।