पुणे केतन अग्रवाल मर्डर केस (Ketan Agarwal Murder Case): महाराष्ट्र के पुणे में मंगेतर सिया गोयल द्वारा रची गई रियल एस्टेट कारोबारी केतन अग्रवाल की हत्या की इनसाइड स्टोरी में हर दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। जिस मामले को पहले ट्रेकिंग के दौरान हुआ एक दर्दनाक हादसा माना जा रहा था, वह दरअसल बेहद ठंडे दिमाग से तैयार की गई एक खौफनाक मर्डर प्लानिंग थी। पुलिस जांच में अब यह साफ हो गया है कि इस पूरे कांड को अंजाम देने के लिए सिया गोयल ने अपने प्रेमी को आखिरी सिग्नल दिया था। ये भी सामने आया है कि महज 50 मिनट के भीतर पूरी वारदात को अंजाम देकर आरोपी मौके से फरार हो गया था।
मंगेतर सिया का वह आखिरी सिग्नल और 50 मिनट का पूरा टाइमलाइन
हमारे सहयोगी न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक पुणे ग्रामीण पुलिस के मुताबिककेतन अग्रवाल की मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने पहले से ही हत्या का पूरा प्लान तय कर रखा था। रिपोर्ट्स के मुताबिक डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (DySP) गजानन तोमपे ने बताया कि दोनों के बीच पहले से सहमति थी कि जैसे ही वे सही जगह पहुंचेंगे, सिया गोयल जमीन पर बैठ जाएगी। यह बैठना ही प्रेमी चेतन चौधरी के लिए हमला करने का अलर्ट सिग्नल था। 18 जून को जैसे ही सिया पहाड़ी किले के एक सुनसान हिस्से में केतन के साथ पहुंची, वह तय प्लान के मुताबिक बैठ गई। इशारा मिलते ही पीछे से आ रहे चेतन चौधरी ने केतन अग्रवाल को चट्टान से नीचे गहरी खाई में धकेल दिया और वहां से भाग निकला। लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज और जांच से पता चला है कि हुडी पहने हुए आरोपी चेतन चौधरी किले के टॉप पर 10 मिनट से भी कम समय तक रुका था। उसने किले पर चढ़ने और नीचे उतरने की पूरी प्रक्रिया को महज 50 मिनट के भीतर पूरा कर लिया था। जब एक सुरक्षा गार्ड ने चेतन की एंट्री और हुडी को लेकर पूछताछ की, तो उसने बहुत ही शातिराना ढंग से झूठ बोलते हुए दावा किया कि वह वहां सिर्फ एक्सरसाइज करने के लिए आया है।
वारदात के लिए क्यों चुना गया लोहगढ़ किले का विंचू काटा?
जांचकर्ताओं के मुताबिक आरोपियों ने केतन की हत्या के लिए लोहगढ़ किले के विंचू काटा रिज के पास वाले हिस्से को बहुत ही सोच-समझकर चुना था। ये पवन बांध की तरफ खुलता है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि किले के अन्य हिस्सों की तुलना में यह स्थान बेहद अलग-थलग और सुनसान था। आरोपी जानते थे कि वीक डेज में इस जगह पर बहुत कम संख्या में पर्यटक या विजिटर्स आते हैं। इससे पकड़े जाने का खतरा न के बराबर था। पुलिस को अंदेशा है कि इस योजना को अंजाम देने से पहले दोनों आरोपियों ने इस जगह की बकायदा रेकी भी की थी।
सिया के बयानों का विरोधाभास और फोन से खुली पोल
लोनावला ग्रामीण पुलिस के इंस्पेक्टर दिनेश तायड़े ने बताया कि इस मामले में पहला शक तब गहराया जब सिया गोयल ने पुलिस को लगातार विरोधाभासी और बदलते हुए बयान दिए। सिया ने पहले दावा किया था कि केतन एक तस्वीर के लिए पोज दे रहा था और उसी दौरान उसका पैर फिसल गया। बाद में उसने अपना बयान बदलते हुए कहा कि केतन उसे पानी की बोतल पकड़ा रहा था और तभी वह नीचे गिर गया। जब पुलिस ने सिया का मोबाइल फोन चेक किया तो उस पूरे दिन की एक भी तस्वीर फोन में मौजूद नहीं थी। इस बात ने पुलिस के शक को पुख्ता कर दिया। जब जांचकर्ताओं ने दोनों के कॉल रिकॉर्ड्स खंगाले, तो हैरान करने वाला डेटा सामने आया। केतन से सगाई होने के बावजूद सिया और चेतन पिछले कई महीनों से रिलेशनशिप में थे। इस साल जनवरी से जून के बीच दोनों ने एक-दूसरे से 2000 से अधिक बार फोन पर 238 घंटे बात की थी। पुलिस के मुताबिक प्रेमी चेतन चौधरी ने अपनी लोकेशन छुपाने के लिए ट्रिप के दौरान अपना खुद का मोबाइल फोन घर छोड़ दिया था और ट्रैकिंग के समय वह अपने एक कर्मचारी के हैंडसेट का इस्तेमाल कर रहा था।
अंतिम संस्कार के बाद केतन की बहन को हुआ था शक
इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने और जांच में तेजी लाने का एक बड़ा श्रेय केतन अग्रवाल की बहन को भी जाता है। अंतिम संस्कार के कुछ दिनों बाद जब सिया गोयल केतन के परिवार से मिलने उसके घर आई हुई थी, तब केतन की बहन को सिया के हाव-भाव और बातों पर संदेह हुआ। बातचीत के दौरान केतन की बहन ने सिया से उस हादसे और पहाड़ी से गिरने से ठीक पहले की कड़ियों को लेकर सिलसिलेवार तरीके से कई सवाल पूछे। पुलिस सूत्रों के मुताबिक सिया के जवाब इतने संदिग्ध थे कि बहन को भांपते देर नहीं लगी कि कुछ तो गड़बड़ है। परिवार ने तुरंत इसकी सूचना जांचकर्ताओं को दी। इसके बाद पुलिस ने कड़ाई से तफ्तीश शुरू की और यह पूरी साजिश बेनकाब हो गई।