छत्तीसगढ़ का कोरबा शहर 25 मई को अपने 27वें साल में कदम रख चुका है। देखने में 27 साल किसी शहर के लिए एक छोटा समय लगता है पर जंगलों, पहाड़ों और यहां रहने वाली पहाड़ी कोरवा जनजातियों के जरिए, इस शहर की पहचान काफी पहले ही बच चुकी थी। आज का कोरबा जो पूरे देश को रोशनी देता है, कभी वहां सिर्फ आदिवासी जीवन की सादगी और शांति बसी थी। आइए जानते हैं इस शहर के बारे में।
