अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की पहली और अहम बैठ सोमवार को हुई। वहीं बैठक के बाद राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी महराज ने कई अहम जानकारियां दी हैं। गोविंग देव गिरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि महासचिव चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर कर लिया गया है। कृष्ण मोहन को अब ट्रस्ट का नया महासचिव बनाया गया है। बता दें कि, चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद से ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और सदस्य अनिल मिश्रा अपने पद से पहले ही इस्तीफा दे दिया था।
बता दें कि, कृष्ण मोहन ने राम मंदिर में दान चोरी को लेकर एफआईआर कराई थी। इन्हीं की एफआईआर पर आज पुलिस इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही हैं, साथ ही इन्हीं के एफआईआर के आधार पर अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और उनसे दान चोरी की रकम वसूली जा रही है।
बैठक के बाद सामने आई ये बड़ी जानकारी
बता दें कि, चाढ़ावा चोरी का मामले सामने आने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट की पहली बैठक करीब 3 घंटे तक चली। इस बैठक में क्या कुछ फैसले हुए इसकी जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देव गिरी ने मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि, चंपत राय और अनिल मिश्रा की श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से छुट्टी हो गई है। कोषाध्यक्ष गोविंद देव ने बताया कि ट्रस्ट की बैठक में दोनों का त्यागपत्र मंजूर कर लिया है। चंपत राय की जगह ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन अंतरिम महासचिव होंगे।
राम मंदिर की सबसे अहम मीटिंग
जानकारी के मुताबिक, अयोध्या में राम मंदिर परिसर मीटिंग की शुरुआत होते ही सबसे पहले राम मंदिर से जुड़ी हालिया घटना पर गहरा दुख जताया गया। इसके ठीक बाद, ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी ने बैठक के मुख्य एजेंडा को सबके सामने रखा। राम मंदिर ट्रस्ट के साल 2020 में गठन के बाद से अब तक की यह सबसे महत्वपूर्ण बैठक मानी जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब मंदिर के चंदे में कथित चोरी और हेराफेरी के आरोपों की जांच चल रही है।
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि क्या कथित तौर पर हेराफेरी किए गए पैसों से और भी संपत्तियां खरीदी गई थीं। इसके लिए पैसों के लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। अब तक मंदिर में दान इकट्ठा करने और उसकी गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। वहीं, श्रद्धालुओं के दान के कथित दुरुपयोग और पैसों के इस्तेमाल की जांच अभी भी जारी है।