महाराष्ट्र निर्वाचन आयोग ने निकाय चुनाव के लिए लागू किए गए आदर्श आचार संहिता के मद्देनजर राज्य सरकार को 'लाडकी बहिन' योजना के लिए जनवरी की किस्त जारी करने से रोक दिया है। कांग्रेस ने राज्य चुनाव आयोग को पत्र लिखकर आग्रह किया था कि वह 'महायुति' सरकार को निर्देश दे कि 'लाडकी बहिन' योजना की दिसंबर 2025 और जनवरी की किस्तें नगर निगम चुनाव समाप्त होने के बाद ही जारी की जाएं। ताकि योजना की एक करोड़ से अधिक महिला लाभार्थियों पर कोई प्रभाव न पड़े।
इससे पहले महाराष्ट्र के मंत्री गिरीश महाजन ने दावा किया था कि 'लाडकी बहिन योजना' के तहत दिसंबर और जनवरी के लिए वित्तीय सहायता मकर संक्रांति से पहले जारी कर दी जाएगी। जबकि विपक्ष ने आरोप लगाया है कि यह कदम आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, राज्य चुनाव आयोग ने नगर निगम चुनावों से एक दिन पहले 'लाड़की बहिन योजना' के तहत लाभार्थियों के खातों में पैसे डालने से महाराष्ट्र सरकार को रोक दिया है। राज्य में 29 नगर निगमों के चुनाव होने वाले हैं। इसलिए अभी आचार संहिता लागू है। राज्य चुनाव आयोग ने साफ किया है कि योजना की रेगुलर या बकाया किस्तें तो दी जा सकती हैं। लेकिन जनवरी की किस्त एडवांस में नहीं दी जा सकती।
आयोग ने योजना से जुड़े सरकार के फैसले पर मुख्य सचिव से सफाई मांगी है। महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग ने मंत्री के इस दावे पर मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांगी है कि मकर संक्रांति से पहले लाडकी बहिन योजना की वित्तीय सहायता लाभार्थियों को जारी कर दी जाएगी। यह कदम विपक्षी दलों की शिकायतों के बाद उठाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रस्तावित किस्त जारी जारी का समय, 15 जनवरी को होने वाले 29 महानगर पालिकाओं के चुनावों से पहले महिला मतदाताओं को प्रलोभन देने के समान है।
'लाडकी बहिन योजना' राज्य सरकार की एक प्रमुख योजना है। इसके तहत पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये की मासिक सहायता मिलती है। इस योजना को 2024 के विधानसभा चुनावों में 'महायुति' की जीत का श्रेय दिया जाता है। पिछले सप्ताह X पर एक पोस्ट में BJP नेता और राज्य के मंत्री महाजन ने कहा था कि दिसंबर और जनवरी की किस्तों को मिलाकर 3,000 रुपये की सहायता राशि मकर संक्रांति से पहले पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा कर दी जाएगी।
उन्होंने इसे मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की ओर से विशेष उपहार करार दिया था। मकर संक्रांति 14 जनवरी को है। कांग्रेस की महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि पार्टी इस योजना के विरोध में नहीं है। लेकिन मतदान की पूर्व संध्या पर दो महीने की सहायता राशि एकसाथ जारी करने पर आपत्ति जताते हुए उन्होंने इसे आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन बताया।